टीईटी मनोविज्ञान की संशोधित उत्तरकुंजी में गुपचुप बदलाव

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपी टीईटी 2017 की संशोधित उत्तरकुंजी में एक प्रश्न का उत्तर बदल दिया गया है। परीक्षा नियामक कार्यालय ने संशोधित उत्तरकुंजी जारी करते समय इस प्रश्न के उत्तर में बदलाव का जिक्र तक नहीं किया। परीक्षार्थी ने इसकी लिखित शिकायत कार्यालय में की है। साथ ही अल्टीमेटम दिया है कि यदि सुधार न किया गया तो वह इसे हाईकोर्ट में चुनौती देगी, क्योंकि एक अंक से वह चयन से बाहर हो सकती है।

यूपी टीईटी 2017 की उत्तरकुंजी जारी होने के बाद तमाम अभ्यर्थियों ने कई प्रश्नों के उत्तर पर आपत्तियां की थी, लेकिन विशेषज्ञों ने सारी आपत्तियां दरकिनार करके सिर्फ उर्दू व संस्कृत के दो प्रश्नों के चारों विकल्प सही नहीं माने। इसी आधार पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव डा. सुत्ता सिंह ने भी पिछले दिनों संशोधित उत्तरकुंजी जारी करते समय यही दावा किया कि दो प्रश्नों के जवाब बदले गए हैं, लेकिन अब कीडगंज इलाहाबाद की परीक्षार्थी कमलजीत कौर ने सनसनीखेज दावा है।

टीईटी मनोविज्ञान की संशोधित उत्तरकुंजी में गुपचुप बदलाव

बाल मनोविज्ञान की प्रश्न संख्या 22 सीरीज ‘डी’ में छह नवंबर को जारी संशोधित उत्तरकुंजी में बदलाव कर दिया गया है। पहले जारी उत्तरकुंजी में प्रश्न का जवाब सही था, लेकिन अब उसे बदलकर गलत जवाब को सही करार दिया गया है। कौर ने इसकी लिखित शिकायत परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में की है साथ ही कई किताबों के साक्ष्य भी उन्हें सौंपे हैं।

यही नहीं कौर ने दोनों उत्तरकुंजी की कॉपी भी कार्यालय को मुहैया कराई है। अभ्यर्थी का कहना है कि यह बदलाव गुपचुप तरीके से क्यों किया गया, यह उसकी समझ में नहीं आ रहा है, लेकिन इससे तमाम परीक्षार्थी सही जवाब देने के बाद भी अर्हता परीक्षा उत्तीर्ण करने से चूक सकते हैं। पहले विकल्प एक सही था, उसे बदलकर विकल्प तीन कर दिया गया है।

वहीं, कौर ने यह भी कहा कि यदि उत्तरकुंजी का जवाब बदला नहीं गया तो वह हाईकोर्ट का सहारा लेगी। उसने यह भी कहा कि कार्यालय की ओर से कहा जा रहा है कि उत्तरकुंजी पर कोई आपत्ति नहीं आई है, जबकि वह कई दिन पहले ही इसकी शिकायत कर चुकी है। वहीं, कार्यालय ने इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

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