68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा की सीबीआई जांच शुरू, बड़े पैमाने पर मिली थी धांधली की शिकायतें, हाई कोर्ट के आदेश पर जांच एजेंसी ने दर्ज किया मुकदमा: जानिए कैसी-कैसी मिली गड़बड़ियाँ-68500 teacher bharti today news

68500 शिक्षक भर्ती परीक्षा की सीबीआई जांच शुरू, बड़े पैमाने पर मिली थीं धांधली की शिकायतें, हाई कोर्ट के आदेश पर जांच एजेंसी ने दर्ज किया मुकदमा,
लखनऊ : उप्र में सहायक अध्यापक के 68,500 पदों के लिए हुई परीक्षा की अब सीबीआइ जांच होगी। सीबीआइ लखनऊ की एंटी करेप्शन ब्रांच ने हाई कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी व षड्यंत्र समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि सरकार इस भर्ती की सीबीआइ जांच के पक्ष में नहीं थी। परीक्षा में 41,556 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे, जिनमें करीब 41 हजार की नियुक्ति हो चुकी है। हाई कोर्ट की एकल बेंच ने एक माह पूर्व शिक्षक भर्ती की सीबीआइ जांच का आदेश दिया था।
सरकार ने हाई कोर्ट की एकल बेंच द्वारा भर्ती की सीबीआइ जांच के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट की डबल बेंच में अपील की है। सरकार को अब तक राहत नहीं मिल सकी है और डबल बेंच ने अपील पर सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है। इससे पहले एकल बेंच के सामने सीबीआइ को 10 दिसंबर को प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करनी होगी। सीबीआइ ने केस दर्ज कर लिया है। सीबीआइ ने बेसिक शिक्षा विभाग व परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के अलावा अन्य अज्ञात अधिकारियों व लोगों को आरोपित बनाया है। सीबीआई ने एफआइआर में 42 याचिकाकर्ताओं द्वारा कोर्ट में की गई शिकायतों का उल्लेख भी किया है। बताया गया कि याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कापियां जांचने और रिजल्ट बनाने में धांधली की गई। एक याचिकाकर्ता का आरोप है कि उससे 66 नंबर आने के बावजूद फेल कर दिया गया, जबकि 60 नंबर वाले अभ्यर्थी को पास कर दिया गया। 12 अभ्यर्थियों की कापियां बदले जाने का भी संगीन आरोप है। पहली सूची में पास बताये गये 23 अभ्यर्थी बाद में फेल निकले और दूसरी सूची में फेल बताये गये 24 अभ्यर्थी बाद में पास निकले। याचिकाकर्ता विमलेश चंद्र यादव समेत कई अन्य ने उनके नंबरों में हेराफेरी की बात कही है। उल्लेखनीय है कि मई में सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा हुई थी और अगस्त में परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था।
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