Oct 9, 2018

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय नए सत्र से पहले परीक्षा और परिणाम की बनाएगा समय सारिणी, वर्षभर परीक्षा और परिणाम से हर तरफ असमंजस का माहौल दूर होगा

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय नए सत्र से पहले परीक्षा और परिणाम की बनाएगा समय सारिणी, वर्षभर परीक्षा और परिणाम से हर तरफ असमंजस का माहौल दूर होगा


■ परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय नए सत्र से पहले करेगा सूचीबद्ध
■ वर्षभर परीक्षा और परिणाम से हर तरफ असमंजस का माहौल दूर होगा


■ सत्र तक कर चुके शून्य
परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने बीटीसी का सत्र नियमित करने के लिए 2016 का सत्र शून्य कर चुके हैं। असल में सत्र विलंब से चलने का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि 2017 से जुलाई से नियमित सत्र शुरू किया जाए। इसी को देखते हुए 2016 का सत्र शून्य हुआ था।


इलाहाबाद : डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन) 2017 की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा होने के बाद रिजल्ट भी आ चुका है लेकिन, दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा कब होगी? ऐसे ही अन्य कई सेमेस्टर की परीक्षाएं और उनके परिणाम कब आएंगे इस बारे में अफसर व प्रशिक्षुओं तक को नहीं पता है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का ये हाल लंबे समय से है। अब इसमें बदलाव की तैयारी है। नए सत्र के पहले परीक्षाओं व परिणाम की समय सारिणी जारी करने की तैयारी है।


प्रदेश में परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र इलाहाबाद संस्था सबसे पुरानी है लेकिन, यहां पर इधर कई वर्ष से परीक्षा व रिजल्ट आने का कोई समय तय नहीं है। हालत यह है कि कई सेमेस्टर की परीक्षा और परिणाम अभी लंबित हैं। इससे प्रशिक्षुओं की तैयारी सबसे अधिक प्रभावित है, वे यह तय नहीं कर पाते कि आखिर सेमेस्टर की तैयारी करें या फिर अन्य प्रतियोगी परीक्षा का रुख करें। वहीं, कार्यालय में भी वर्ष भर सभी परीक्षा व परिणाम में जूझ रहे हैं। कई रिजल्ट परीक्षा होने के महीनों बाद जारी हो सके हैं। 1नए परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि इन दिनों जिस तरह से परीक्षाएं व परिणाम हो रहे हैं, वह स्थिति ठीक नहीं है। इसमें व्यापक बदलाव करेंगे। बोले, जब बीटीसी या फिर डीएलएड के सेमेस्टर बने हैं तो उनका इम्तिहान भी समय पर होना चाहिए। नए सत्र से समय सारिणी के अनुसार परीक्षाएं कराकर परिणाम देने की योजना है।


■ टीईटी व शिक्षक भर्ती बनी रोड़ा : परीक्षा नियामक कार्यालय वर्ष में एक बार टीईटी का आयोजन करा रहा है। इसी वर्ष से शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का जिम्मा भी इसी संस्था को मिला है। इससे अन्य परीक्षाओं का शेड्यूल बिगड़ गया है। टीईटी होने पर कई माह पहले से लेकर परिणाम आने तक इम्तिहान नहीं हो पाता है।

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