Sep 19, 2018

टीईटी 2018 के लिए पहले दिन ही 500 पंजीकरण, पहचान पत्र में आधार नहीं, तीन विकल्प, चार अक्टूबर तक चलेगा ऑनलाइन पंजीकरण, चार नवंबर को परीक्षा


कवायद

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि यूपी टीईटी 2018 के लिए मंगलवार दोपहर से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले दिन ही करीब 500 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस बार बीएड को भी प्राथमिक स्कूलों में भर्ती में मौका दिया गया है इसलिए रिकॉर्ड आवेदन होने के आसार हैं। परीक्षा चार नवंबर व रिजल्ट 20 नवंबर को जारी होगा।1 परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि यूपी टीईटी 2018 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है। इसी के साथ ऑनलाइन आवेदन शुल्क भी जमा किया जा सकेगा। पंजीकरण की अंतिम तारीख चार अक्टूबर शाम छह बजे तक है। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख पांच अक्टूबर है। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन पूरा करके उसका प्रिंट छह अक्टूबर को शाम छह बजे तक ले सकेंगे। सचिव ने बताया कि पंजीकरण, आवेदन और शुल्क ऑनलाइन ही लिया जाएगा, इसके अलावा किसी अन्य माध्यम से स्वीकार नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को अपनी ऑनलाइन आवेदन की अंकित प्रविष्टियों में संशोधन का कोई अवसर नहीं दिया जा रहा है। इसलिए अभ्यर्थी पंजीकरण व आवेदन को फाइनल सेव करने से पहले प्रविष्टियों की अभिलेखों से सही से मिलान कर लें। यह भी कहा है कि अभ्यर्थी एक स्तर की परीक्षा के लिए एक से अधिक आवेदन न करें। यदि किसी अभ्यर्थी ने एक से अधिक आवेदन करके शुल्क भी जमा किया होगा तो उसमें अंतिम आवेदन को मान्य करके अन्य आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे जिसका उत्तरदायी अभ्यर्थी खुद होगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए शैक्षिक अर्हता, आवेदन शुल्क, पाठ्यक्रम संरचना व परीक्षा अवधि की जानकारी एनआइसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसी वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण व आवेदन शुल्क आदि जमा हो रहा है।1शिक्षामित्रों के लिए अलग कॉलम : टीईटी 2018 के आवेदन में शिक्षामित्रों के लिए अलग कॉलम बनाया गया है। शिक्षामित्रों को उसी में प्रविष्टियां देनी हैं। शिक्षक भर्ती की दूसरी लिखित परीक्षा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही है। जिसमें 1.37 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन रद करके उन्हें दो अवसर देने को कहा गया था।राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि यूपी टीईटी 2018 में पहचान पत्र के रूप में आधार मान्य नहीं किया गया है। इसकी जगह पर वेबसाइट पर तीन विकल्प दिए गए हैं, अभ्यर्थियों को उन्हीं में से एक को चुनना मजबूरी बन गई है। परिषदीय स्कूलों की 68500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से जिला आवेदन लेते समय भी आधार को मान्य नहीं किया गया था। इसकी जगह पर ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और पासपोर्ट में ही एक विकल्प देना था। एनआइसी की ही वेबसाइट पर टीईटी 2018 के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि अफसरों ने पुराने नियमों को ही इसमें भी बहाल कर दिया है। 1रिजल्ट को कोर्ट ले जाने की तैयारी : बीटीसी 2015 तृतीय सेमेस्टर के रिजल्ट को भी हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 13 हजार प्रशिक्षुओं को गलत मूल्यांकन के कारण फेल कर दिया गया है। साथ ही तमाम मेधावियों के कई विषयों में बैक पेपर आए हैं, इससे वे चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा नहीं दे सकेंगे, ऐसे में इसे कोर्ट में चुनौती देंगे।

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