Aug 14, 2018

स्वतंत्रता दिवस पर नौ करोड़ पौधरोपण के लिए अफसरों की जवाबदेही तय, आदेश देखें

स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश भर में नौ करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए भाजपा सरकार, संगठन और स्वयंसेवी संगठनों समेत पूरी मशीनरी सक्रिय हो गई है। सोमवार को मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने लक्ष्य पूरा करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भी जवाबदेही तय कर दी। प्रभारी मंत्री की अनुपस्थिति में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को भी अपने लिए नामित नोडल जिलों में पौधरोपण की जिम्मेदारी निभानी होगी।1सोमवार को योजना भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन योजना में अगले दो अक्टूबर तक खुले में शौच से मुक्ति के लिए जिलावार कार्यो की समीक्षा की। अधूरे कार्यो को पूरा करने पर अभियान चलाने को कहा और शौचालयों की गुणवत्ता का शत-प्रतिशत सत्यापन, प्रमाणीकरण और ओडीएफ सत्यापन की हिदायत दी। डॉ. पांडेय ने कहा कि शौचालयों के स्थलीय निर्माण और आंकड़ों में अंतर होने की स्थिति पर संबंधित अफसरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। पंचायतीराज विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए डॉ. पांडेय ने निर्देश दिये कि जिन संबंधित जिलों द्वारा शौचालय निर्माण कार्य में जियो टैगिंग 80 प्रतिशत से कम होगी उस जिले को भारत सरकार द्वारा अग्रिम राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।राज्य ब्यूरो, लखनऊ : स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश भर में नौ करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए भाजपा सरकार, संगठन और स्वयंसेवी संगठनों समेत पूरी मशीनरी सक्रिय हो गई है। सोमवार को मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने लक्ष्य पूरा करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भी जवाबदेही तय कर दी। प्रभारी मंत्री की अनुपस्थिति में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को भी अपने लिए नामित नोडल जिलों में पौधरोपण की जिम्मेदारी निभानी होगी।1सोमवार को योजना भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन योजना में अगले दो अक्टूबर तक खुले में शौच से मुक्ति के लिए जिलावार कार्यो की समीक्षा की। अधूरे कार्यो को पूरा करने पर अभियान चलाने को कहा और शौचालयों की गुणवत्ता का शत-प्रतिशत सत्यापन, प्रमाणीकरण और ओडीएफ सत्यापन की हिदायत दी। डॉ. पांडेय ने कहा कि शौचालयों के स्थलीय निर्माण और आंकड़ों में अंतर होने की स्थिति पर संबंधित अफसरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। पंचायतीराज विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए डॉ. पांडेय ने निर्देश दिये कि जिन संबंधित जिलों द्वारा शौचालय निर्माण कार्य में जियो टैगिंग 80 प्रतिशत से कम होगी उस जिले को भारत सरकार द्वारा अग्रिम राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।

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