50 जिलों के परिषदीय विद्यालयों में कम हो गए 3 लाख 43 हजार बच्चे, विद्यालयों में बच्चों की संख्या तेजी से हो रही कम


परिषदीय विद्यालयों के प्रति बच्चों का रुझान बढ़ाने के लिए योजनाएं तो बहुत चलाई जा रही हैं, लेकिन उनका असर नहीं दिख रहा है। विद्यालयों में बच्चों की संख्या तेजी से कम होती जा रही है। शैक्षिक सत्र 2017-18 की तुलना में चालू सत्र 2018-19 में अगस्त तक प्रदेश के 50 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में तीन लाख 43 हजार से अधिक बच्चों की संख्या कम हो गई है। हरदोई में 6376 बच्चे कम हुए। सबसे अधिक सीतापुर में 30,108 बच्चों की संख्या कम हुई। बेसिक शिक्षा निदेशक ने कम हुई संख्या पर चिंता जताते हुए नामांकन वृद्धि के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है।

परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को आकर्षित करने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है। बच्चों को दोपहर के खाने के साथ सप्ताह में एक दिन दूध और फल, स्कूली ड्रेस, जूता-मोजा, बैग, स्वेटर आदि सब कुछ दिया जा रहा है। घर-घर से बच्चों को विद्यालय लाने के लिए स्कूल चलो अभियान भी चलता है। अब कारण जो भी हो इन सब योजनाओं के बाद भी विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम हो रही है। प्रदेश के 50 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में ही पिछले शैक्षिक सत्र में सितंबर 2017 तक यू-डायस के अनुसार नामांकित बच्चों की तुलना में शैक्षिक सत्र 2018-19 में अगस्त तक करीब तीन लाख 43 हजार से अधिक बच्चे कम हो गए हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक की तरफ से 50 जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए पत्र के अनुसार सीतापुर में 30,108 बच्चे कम हुए तो प्रतापगढ़ में 21,761 बच्चे कम हो गए। इसी तरह गोंडा में 19,449, बरेली में 19,788 बच्चों की संख्या कम हो गई। हालांकि हरदोई में 6376 बच्चे कम हुए हैं। सबसे कम बच्चों की संख्या हापुड में 195 कम हुई है। इसी तरह नोएडा में 627 बच्चों की संख्या कम हुई है। बेसिक शिक्षा निदेशक डा. सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने इन सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कम हुए बच्चों की संख्या पर चिंता जताते हुए संख्या बढ़ाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई और आगे प्रयास की जानकारी मांगी है।

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