Aug 19, 2018

नई व्यवस्था: अब नए मानक के अनुरूप हो सकेंगी भर्तियां, आरटीई एक्ट 2009 के पद निर्धारण से तमाम स्कूलों की बदली तस्वीर, प्रधानाध्यापक के कई पद खत्म हो गए तो सहायक अध्यापकों का आकलन तेज

■ आरटीई एक्ट 2009 के पद निर्धारण से तमाम स्कूलों की बदली तस्वीर 

■ प्रधानाध्यापक के कई पद खत्म हो गए तो सहायक अध्यापकों का आकलन तेज

इलाहाबाद : परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अगले माह होने जा रही है। फरवरी 2019 में बड़ी शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा का भी एलान हो चुका है। इन दोनों भर्तियों के बाद बेसिक शिक्षा महकमा प्रदेश भर में चल रहे स्कूल और तैनात शिक्षकों का रिव्यू करने के बाद ही भर्तियों का एलान करेगा।

वजह यह है कि हाल में ही शिक्षा का अधिकार कानून यानी आरटीई 2009 के तहत सूबे के परिषदीय स्कूलों में पद निर्धारण किया है। 1विद्यालयों में नए सिरे से पद निर्धारण छात्र-शिक्षक अनुपात को देखते हुए किया गया है। परिषद मुख्यालय ने जिलों को जो निर्धारित पद भेजे हैं उसमें बड़ी संख्या में प्रधानाध्यापकों के पद खत्म हो गए हैं, क्योंकि संबंधित स्कूलों में छात्र संख्या कम है और आरटीई के तहत ऐसे स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं होगा। ज्ञात हो कि प्राथमिक स्कूल में 150 व उच्च प्राथमिक में 100 से कम छात्र संख्या पर आरटीई में प्रधानाध्यापक का प्राविधान नहीं है।

हालांकि अभी अफसरों ने ऐसे स्कूलों में तैनात प्रधानाध्यापकों को न हटाने का निर्देश दिया है, वजह यह है कि आखिर प्रधानाध्यापकों की विभाग तैनाती कहां करे। इसके बाद सहायक अध्यापकों का पद निर्धारित होने के बाद पिछले वर्षो की संख्या से आकलन किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि हर प्राथमिक स्कूल में 30 छात्र पर व उच्च प्राथमिक में विषय के न्यूनतम तीन शिक्षकों की उपलब्धता अनिवार्य है। शीर्ष कोर्ट के निर्देश पर प्राथमिक स्कूलों में 68500 शिक्षक भर्ती के तहत 41556 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अगले माह होगी। वहीं, फरवरी में दूसरी परीक्षा कराकर करीब 95 हजार पद भरे जाने हैं। नए छात्र शिक्षक अनुपात को पूरा करने में ये पद सहायक होंगे।

■ 65 हजार शिक्षक अतिरिक्त मिल चुके : बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले साल परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का आकलन कराया था उस समय करीब 65 हजार शिक्षक अतिरिक्त मिले थे। ज्ञात हो कि आकलन में एक लाख 37 हजार समायोजित शिक्षक भी शामिल थे। इसी को ध्यान में रखकर बेसिक शिक्षा विभाग की लंबित तमाम भर्तियों को पूरा नहीं कराया गया। कई भर्तियां अभी शुरू नहीं हो सकी हैं और तमाम अधर में फंसी हैं। 1


■ हर साल 15 से 20 हजार की ही जरूरत : हर साल करीब 15 से 20 हजार शिक्षक ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जबकि इधर डीएलएड कालेजों में ही करीब दो लाख से अधिक को प्रशिक्षित किया जा रहा है। एनसीटीई ने बीएड को मान्य किया है, इससे दावेदारों की संख्या बढ़ गई है। आगे की भर्तियों में मुकाबला बेहद कड़ा होगा।

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