प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 15 दिन में हर हाल में कराएं पाठ्य पुस्तकों का वितरण, साथ ही एक माह में पूरी करें आगामी शैक्षिक सत्र 2019-20 की टेंडर प्रक्रिया


लखनऊ : बिहार के मुजफ्फरपुर की तरह देवरिया में संरक्षण गृह की बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के मामले ने सरकारी मशीनरी की सक्रियता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के सख्त तेवर के बाद मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने भी प्रदेश भर के मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों की जवाबदेही तय की है। उन्होंने नारी संरक्षण गृह तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का निरीक्षण कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने 15 दिन के भीतर हर हाल में प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को पाठ्य पुस्तक वितरित करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक 41 फीसद पाठ्य पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है।
सोमवार को मुख्य सचिव डॉ. पांडेय योजना भवन में सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान संवासिनियों की संख्या के अनुसार उनकी उपस्थिति, उनके रहने हेतु आवश्यक सुविधाएं एवं सुरक्षा की जानकारी प्राप्त कर अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण को 24 घंटे के अंदर आख्या भेजना सुनिश्चित करें।
एक माह में पूरी करें टेंडर प्रक्रिया
आगामी शैक्षिक सत्र 2019-20 में पाठ्य पुस्तकों का वितरण अप्रैल में ही कराने हेतु नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया अगले एक माह में पूरा कर लें। मुख्य सचिव ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के उपरांत वृक्षारोपण का लक्ष्य पूरा करने और दस अगस्त को लखनऊ में आयोजित एक जिला-एक उत्पाद कार्यक्रम को हर जिले में समानांतर रूप से आयोजित कराने के निर्देश दिए। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का प्रसारण जिलों में एलक्ष्डी स्क्रीन से करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री और राज्यपाल तथा राष्ट्रपति के भाषण का सीधा प्रसारण होगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत दो अक्टूबर तक शत-प्रतिशत ओडीएफ घोषित किये जाने की हिदायत दी।

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