अच्छे शिक्षकों को अब बेहतर काम का मिलेगा इनाम

अच्छे शिक्षकों को अब बेहतर काम का मिलेगा इनाम
achchhe shikshakon ko ab behatar kam ka milega inaam

श्रवस्ती, शैक्षिक स्तर के मामले में सबसे पिछड़े जिलों में शुमार श्रवस्ती की बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए नए सिरे से मानक तय किए हैं। सामान्य तौर पर छोटी-छोटी बातों पर शिक्षकों का वेतन काटने और उन्हें निलंबित करने की परंपरा पर अब रोक लगेगी। सीमित संसाधनों के सहारे भी शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे शिक्षकों को उनके काम का ईनाम मिलेगा तो लापरवाह शिक्षकों को भी सुधरने का मौका दिया जाएगा। ऐसे शिक्षकों को चिह्न्ति कर उनकी काउंसिलिंग भी की जाएगी।


नीति आयोग की ओर से चिह्न्ति अति पिछड़े जिले में शामिल श्रवस्ती की साक्षरता दर महज 49.13 प्रतिशत है। इसमें पुरुष साक्षरता 59.55 प्रतिशत तथा महिला साक्षरता दर मात्र 37.07 प्रतिशत ही है। यहां की 400 ग्राम पंचायतों में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए 888 प्राथमिक तथा 391 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षकों के स्वीकृत 888 पदों के सापेक्ष 654 रिक्त हैं। इसी प्रकार सहायक शिक्षकों के 3029 पद सृजित हैं। इनमें से सिर्फ 1014 की ही तैनाती है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 902 सहायक शिक्षकों के सापेक्ष 552 पद रिक्त चल रहे हैं। उपलब्ध शिक्षकोंे में से भी कई ऐसे हैं जो कभी-कभार ही स्कूल जाते हैं। कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो स्कूल तो जाते हैं, लेकिन उनके आने-जाने का समय तय नहीं है। इस सबके बीच प्राथमिक शिक्षा की मजबूती के लिए ईमानदारी से प्रयास में जुटे शिक्षकों की भी इस जिले में कमी नहीं है। कई शिक्षक ऐसे हैं जो अपने निजी संसाधनों से परिषदीय विद्यालयों में कान्वेंट की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं। परंपरागत तरीके में स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षक यदि पकड़ में आते थे तो उन पर वेतन काटने अथवा निलंबन की कार्रवाई की जाती थी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की कोई पहल नहीं की गई। इस स्थिति में बदलाव के लिए नए रास्ते निकाले गए हैं। अब कार्रवाई से पहले स्कूल न जाने वाले शिक्षकों की समस्या जानी जाएगी। सुधार का मौका दिया जाएगा।इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई होगी।

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सीमित संसाधनों से शिक्षा की मजबूत आधार शिला खड़ी करने की कवायद


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बीएसए ने तय किए मानक, गायब रहने वाले शिक्षकों की होगी काउंसिलिंगयह है बीएसए का प्लान

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओंकार राना ने बताया कि सकारात्मक सोच के साथ मजबूती से शिक्षण कार्य में लगें शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। स्वयं अथवा खंड शिक्षाधिकारी के माध्यम से स्कूलों की अभियान चलाकर जांच की जाएगी।
July 26, 2018

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