Jul 23, 2018

मिसाल:- नजीर बना परिषदीय विद्यालय महुआपार

मिसाल:- नजीर बना परिषदीय विद्यालय महुआपार
Misaal:- nazeer bana parishadiy vidyalay mahiaapar

सरकारी के नाम पर बिदकने वाले अभिभावक अपने पाल्यों का करा रहे नामांकन, मिल रही अच्छी शिक्षा

जागरण संवाददाता, महुआपार, गोरखपुर : लोग बच्चों के बेहतर शिक्षा व सुविधा हेतु कांवेंट स्कूलों में नामांकन कराते हैं। परिषदीय विद्यालय का नाम सुनते ही चेहरे का भाव बदल जाता है लेकिन बड़हलगंज ब्लाक का प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुआपार परिषदीय विद्यालयों को सुधार की राह दिखा रहा है। विद्यालय में तैनात शिक्षकों व ग्राम प्रधान की सकारात्मक सोच के परिणामस्वरूप यह विद्यालय कांवेंट स्कूलों को भी मात दे रहा है। शिक्षा व व्यवस्था में सुधार से विद्यालय में छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस वर्ष से इसका चयन ब्लाक के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में हुआ है। अभिभावक अपने पाल्यों का यहां लगातार नामांकन करा रहे हैं।

कभी कच्चे भवन में चल रहा यह विद्यालय अब अपने भव्य स्वरूप को प्राप्त कर चुका है। विद्यालय का रंगरोगन, साफ-सफाई व सजाकर लगाई गई फूल-पत्तियां चार चांद लगा रही हैं। पूर्व माध्यमिक के छात्रों के बैठने के लिए बेंच व मेज तथा प्राथमिक के छात्रों हेतु टाट की व्यवस्था की गई है। विद्यालय में बिजली वायरिंग व पंखे आदि की व्यवस्था है। वाद्य यंत्रों के साथ सुबह-शाम लाउडस्पीकर पर गूंजने वाली प्रार्थना बरबस ही आकृष्ट करती है। विद्यालय में निर्धारित पाठ्यक्रम के अतिरिक्त छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा भी दी जा रही है। एक ही परिसर में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक की कक्षाएं चलती हैं। पहले छात्रों के लिए तरस रहे इस विद्यालय में संख्या बढ़ने पर अलग-अलग कक्षाएं चलानी पड़ रही हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद राय ने बताया कि विद्यालय में छात्रओं की संख्या अधिक होने से छात्र व छात्रओं की अलग- अलग पढ़ाई होती है। अब तक कक्षा छह से आठ तक 219 छात्रों का नामांकन हुआ है, जिसमें 97 छात्र व 122 छात्रएं हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्याममोहन प्रसाद ने बताया कि विद्यालय में 184 छात्रों का नामांकन हुआ है, जिसमें 88 छात्र व 96 छात्रएं हैं। कक्षा एक व दो के 67 छात्र इस साल से अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यालय में कांवेंट स्कूलों की तरह ही शिक्षक बच्चों की साफ-सफाई, कापी-किताब के साथ होमवर्क देखना नहीं भूलते। बच्चों का अनुशासन देखते ही बनता है। पढ़ाई के साथ ही छात्रों को खेलकूद के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है, जिसके लिए विभिन्न खेलों से संबंधित खेल सामग्री उपलब्ध है। ग्राम प्रधान योगेंद्र यादव ने बताया कि विद्यालय में शासन द्वारा निर्धारित प्रतिदिन के मीनू के हिसाब से भोजन बनवाया जाता है, जिससे की बच्चों को स्वास्थ्य ठीक रहे। खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र यादव ने कहा कि महुआपार विद्यालय एक माडल विद्यालय है। शासन के आदेशानुसार हर ब्लाक में पांच प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के लिए चयन करना था। विद्यालय में व्यवस्था व बेहतर शिक्षण व्यवस्था के चलते ब्लाक में सर्वप्रथम उस विद्यालय का चयन किया गया।

बेहतर हुई शिक्षण व्यवस्था तो बढ़ रही छात्रों की संख्या

कंप्यूटर शिक्षण के साथ अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में हुआ चयन

अंग्रेज कलेक्टर ने दी थी विद्यालय को मान्यता

महुआपार : अंग्रेजी हुकूमत में महुआपार गांव निवासी बाबा जगदेव शाही ने गांव के रास्ते गुजर रहे अंग्रेज कलेक्टर की बग्गी रोक ली और अपने निजी जमीन पर क्षेत्र का पहला विद्यालय बनवाने की मांग रखी, जिसकी स्वीकृति मिलने पर 12 जनवरी, 1857 को विद्यालय का शिलान्यास हुआ, जो अब क्षेत्र में अपना स्थान बना चुका है।

छात्रों के साथ भेदभाव न करे सरकार : जयनारायण शुक्ल1कौड़ीराम, गोरखपुर : केंद्र व प्रदेश की सरकार मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा छह से आठ तक के छात्रों के साथ भेदभाव कर रही है। परिषदीय विद्यालय व मान्यता प्राप्त वित्तपोषित विद्यालयों के छात्रों को जो सुविधाएं मिल रही हैं वही अन्य विद्यालयों के छात्रों को भी मिलनी चाहिए। यह बातें कांग्रेस के शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जयनारायण शुक्ल ने कही। वे रविवार को कौड़ीराम में शिक्षक साथियों को संबोधित कर रहे थे।

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