भवन गिरने के बाद मड़हे में लगाई क्लास

भवन गिरने के बाद मड़हे में लगाई क्लास
bhawan girane ke bad madai me lagai class

दूसरे दिन भी नहीं पहुंचे अध्यापक, हंगामा

यूनीफार्म पाकर चहके नौनिहाल

सोमवार को स्कूल बंद होने के दो घंटे बाद गिर गया था भवन, टल गया था एक बड़ा हादसा


कोरांव विकास खंड के सिरोखर गांव में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने अपने कर्त्तव्य के प्रति अनुकरणीय जज्बा दिखाया है। स्कूल भवन गिरने के बाद शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए मड़हा डालकर क्लास लगाई। बारिश में बच्चे न भीगे और उनकी पढ़ाई सुचारू तरीके से हो इसके लिए मंगलवार की सुबह एक मड़हा तैयार कर दिया। दोपहर बाद स्कूल बंद होने के बाद दो और मड़हे का निर्माण किया जा रहा है।

गौरतलब है कि सिरोखर गांव में प्राथमिक विद्यालय का भवन काफी जर्जर हो गया था। इस बात की जानकारी शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने खंड शिक्षाधिकारी को कई बार दी थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सोमवार भारी बारिश होने पर शिक्षकों ने स्कूल की छुट्टी कर दी। बच्चों को घर भेज दिया। स्कूल बंद होने के थोड़ी देर बाद ही 11 बजे विद्यालय भवन जमींदोज हो गया। शिक्षकों की सूझबूझ की वजह से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। यदि उस समय स्कूल में बच्चे होते तो कुछ भी हो सकता था। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी कारण यह हादसा हुआ। इसके बाद भी अधिकारी घटना स्थल पर न तो पहुंचे न ही उन्होंने विद्यालय की स्थित जानने की कोशिश की। प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने बताया कि अभी तक कोई भी अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि, ग्रामीणों की मदद से मड़हा लगाकर कक्षाएं चलाई जा रही है। 12005 में बना था स्कूल

प्राथमिक विद्यालय का निर्माण 2005 में कराया गया था। चार कमरे के इस विद्यालय में कुल 214 छात्र पढ़ते हैं। यहां दो शिक्षक व दो शिक्षामित्र नियुक्त है। विद्यालय भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका था। अध्यापक आम तौर पर बाहर खुले आसमान मे शिक्षण कार्य करते थे। शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी व संबंधित अधिकारियों को पत्रचार के माध्यम से यहां की स्थिति से अवगत कराया था। हालांकि खंड शिक्षा अधिकारी ने गत 13 फरवरी को पत्र लिख कर विद्यालय भवन में बच्चो को न बैठाने की नसीहत दी थी, किन्तु विद्यालय बंद करने के संबंध में कुछ नहीं कहा था। ऐसे में तब से बरामदे व खुले आसमान में शिक्षण कार्य जारी है।

कई विद्यालय हैं जर्जर

क्षेत्र के कई स्कूलों के भवन जर्जर है और वह कभी भी ढह सकते हैं। लगातार अभियान व निरीक्षण के बावजूद स्कूलों की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।कोरांव विकास खंड के सिरोखर गांव में प्राथमिक विद्यालय का भवन गिरने के बाद खुले आसमान के नीचे पढ़ते बच्चे।

संसू, हंडिया : हंडिया विकास खंड में नोटिस दिए जाने के बावजूद भी चल रहे गैर मान्यता प्राप्त पांच विद्यालयों को खंड शिक्षा अधिकारी ममता सरकार ने मंगलवार को सील कर दिया। साथ ही विद्यालय के बाहर नोटिस चस्पा कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मंगलवार को हंडिया पुलिस के मौजूदगी में एबीएसए ने अचानक छापा मारा। इस दौरान अवैध रूप से संचालित हंडिया थाना क्षेत्र के धोबहा रोड बरौत कस्बा स्थित साई नाथ स्कूल, भीटी कस्बा स्थित जेएल यादव कान्वेन्ट स्कूल, पुरे भनई गांव स्थित एडीएस इंग्लिश स्कूल, रायपुरभेलसी के सरस्वती विद्यामंदिर व सरायकस्तुरियां गांव के एक स्कूल को सीज करते हुए संस्थान संचालक को हिदायत दी। कहा कि यदि मान्यता लिए बगैर संस्थान खोला गया तो जुर्माने के साथ सजा भी हो सकती है।

संसू, गौहनिया : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की मनमानी व लापरवाही की हद हो गई। सोमवार के दिन जमोली गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों के न पहुंचने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की थी। बाबजूद इसके चाका विकास खंड के ग्राम सभा चपंतपुर के मजरा जमोली गांव के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को शिक्षक के न पहुंचने पर अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी डा.संतोष कुमार यादव ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया और तत्काल वैकल्पिक व्यस्था के तहत शिक्षक की तैनाती कर पठन पाठन कार्य शुरू कराया। इस स्कूल में प्रधानाध्यापिका सहित दो शिक्षिका की तैनाती है। प्रधानाध्यापक छुट्टी पर है और सहायक अध्यापक प्रतिभा गुप्ता बगैर सूचना के सोमवार को भी नहीं पहुंची थी। खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच कराकर कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेज दिया।

संसू, जसरा : विकास खंड जसरा के नवनिíमत अंग्रेजी माध्यम से संचालित प्राथमिक विद्यालय रेरा में मंगलवार को ब्लाक प्रमुख के हाथों विद्यालय के बच्चों को आइकार्ड, यूनीफार्म व बैग वितरित किया। प्रमुख स्नेहलता बौद्ध ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाएं सराहनीय है सरकार की पहल से अब गरीब परिवार के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों की तरह शिक्षा ले सकते हैं। प्रधानाध्यापक आशीष जायसवाल, अर¨वद सिंह, विष्णु चन्द्र द्विवेदी, वंशराज सिंह, हरिनारायण शर्मा, दयानंद शर्मा, सहित दर्जनों अभिभावक, भी उपस्थित रहे।विद्यालय के कक्ष की छत गिरने की घटना दुखद है। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से संपूर्ण जनपद में ऐसे जर्जर विद्यालयों की स्थिति का ब्योरा मंगाया जा रहा रहा है। सर्वे के बाद विद्यालयों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य ग्राम पंचायत के सहयोग से कराया जाएगा। संजय कुशवाहा, बेसिक शिक्षा अधिकारी

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July 25, 2018

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