Jul 22, 2018

राजकीय विद्यालय का न भवन है और न शिक्षक, कैसे पढ़े बच्चे, पू.मा.वि. के कमरे में चलता है विद्यालय

Basic Shiksha Latest News, Basic Shiksha current News, n bhawan n shikshak kaise padhe bachche


राजकीय विद्यालय का न भवन है और न शिक्षक, कैसे पढ़े बच्चे

भवन में दिन भर गांव के आवारा पशु करते हैं चहलकदमी, कमरे में मकड़ी के जाले अधिक और कम दिखते हैं छात्र

राजकीय विद्यालय कागजी कोरम पूरा कर रहे, पू.मा.वि. के कमरे में चलता है विद्यालय

संसू, चरवा : महीने का वेतन हजार के बाद भी राजकीय हाई स्कूल पंसौर में तैनात शिक्षक को प्रति विद्यालय नहीं आते हैं। कारण सप्ताह में केवल दो या तीन दिन ही विद्यालय खुलता है। बाकी दिनों में कक्षाओं का संचालन या तो बंद रहता है या फिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक छात्रों को पढ़ाते हैं। यह आरोप हमारा नहीं है। राजकीय हाई स्कूल पंसौर में पढ़ने वाले छात्र व उनके परिजन जागरण टीम को इस हकीकत से चीख-चीख कर रूबरू करा रहे थे।

शनिवार को दैनिक जागरण टीम राजकीय विद्यालय पंसौर पहुंची। वहां बना विद्यालय का भवन अधूरा पड़ा था। करीब लाख की लागत से बनने वाले इस भवन में दिन भर गांव के आवारा पशु चहलकदमी करते हैं। विद्यालय का संचालन पूर्व माध्यमिक विद्यालय के एक कमरे में होता है। नौवीं में पंजीकृत 12 व हाई स्कूल में चार छात्रों की पढ़ने की व्यवस्था इसकी कमरे में है। इसकी भी हालत दयनीय थी। खिड़की का पता नहीं। दरवाजा टूटा था। कमरे में मकड़ी के जाले अधिक और छात्र कम दिख रहे थे। छात्रों से पूछता गया तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में सनी कुमार सोनकर तैनात है। इनकी मूल तैनाती राजकीय हाई स्कूल लोधन का पुरा में है। पंसौर में तैनात रहे शिक्षक के तबादले के बाद डीआइओएस ने सनी सोनकर को पंसौर में अटैच किया था। जिससे वहां के छात्रों का पठन पाठन प्रभावित न हो। सनी सोनकर सप्ताह में दो या तीन दिन ही विद्यालय आते है।

छात्रों ने बताया कि जब वह उनसे इस संबंध में पूछते है तो वह बीआरसी में होने की बात कहते है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी मूरतगंज रमेश चंद्र पटेल ने बताया कि सनी सोनकर को तो वह जानते ही नहीं, ऐसे में बीआरसी आने का तो सवाल ही नही उठता। वहीं अभिभावकों का आरोप है कि वह अक्सर सनी से समय से विद्यालय आने की बात कहते है तो वह कोई न कोई विभागीय कार्य का बहाना बनकर सही जवाब देने से मुकर जाते हैं। वहीं शिक्षक सनी सोनकर का कहना है कि वह सुबह स्कूल आए थे।चायल के प्राथमिक विद्यालय शेरगढ में फैली गन्दगी व अध्यापक के आने का इंतजार करते बच्चे।चायल के पसौंर गांव स्थित राजकीय विद्यालयहजार वेतन के बाद भी नहीं आते शिक्षकलाख की लागत से बनाया गया भवन

Basic Shiksha Latest News, Basic Shiksha current News, n bhawan n shikshak kaise padhe bachche

चेतावनी

इस ब्लॉग की सभी खबरें सोशल मीडिया से ली गई हैं, कृपया खबर का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें| इसमें ब्लॉग एडमिन की कोई जिम्मेदारी नहीं है| पाठक ख़बरों के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा|