मूल स्कूल वापसी पर अफसरों की ‘कुण्डली'

स्कूल वापसी पर अफसरों की ‘कुण्डली'
mul school wapasi par afsaron ki 'kundali'

शासन के आदेश पर भी ऐसी लापरवाही की चर्चाएं तेज, अब सीएम के चाबुक का है विभाग को इंतजार

अंग्रेजी स्कूलों में हो रही है लापरवाही


समायोजन रद्द होने के बाद दस हजार मानदेय पर लम्बी दूरी की दौड़ लगा रहे शिक्षामित्रों की धडकनें बढ़ गई है। शासन में 20 जून से धूल फांक रही फाइल पर अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार की निगाहें पड़ी तो आदेश जारी हुआ। बावजूद इसके अभी तक विभाग खामोशी साधे है। शासन के बाद अब परिषद के निर्देश के इंतजार में कदम आगे नही बढ़ रहा है। इससे दो हजार से अधिक शिक्षामित्रों के दिलों की धडकनें तेज हो रही हैं। .

समायोजन के बाद रोस्टर लागू होने से हजारों शिक्षामित्र दूरदराज स्कूलों में तैनाती पा गए थे। सहायक अध्यापक बनने की खुशी में उन्हे दूर स्कूल में जाने का कोई गम नही था। लेकिन समायोजन रद्द होने के बाद मानदेय में लम्बी दूरी का सफर भारी पड़ रहा था। दस हजार रुपए में सफर या किराए पर रहने का मतलब खाली हाथ होना था। .

शिक्षामित्रों की मांग पर बीते 20 जून से शासन में मूल स्कूल वापसी का प्रस्ताव शासन में गया, लेकिन आदेश निर्गत नही हुए। इसी पर नए अपर मुख्य सचिव आए तो उन्होने लम्बित मामलों का निस्तारण तेजी से किया और शिक्षामित्रों के मामले में आदेश निर्गत हो गए। शासन के आदेश से 5 अगस्त तक कार्यवाही पूरी करनी है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया शुरु ही नही हुई है, ऐसे में इतनी बढ़ी संख्या में कार्रवाई पूरी होने पर संकट खड़ा हो सकता है। विभाग की मानें तो शासन के बाद बेसिक शिक्षा परिषद से भी निर्देश जारी होना है। इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभाग अभी तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका है। .

दो हजार से अधिक शिक्षामित्रों की निगाहें टिकी : मूल स्कूल वापसी के फैसले से शिक्षामित्रों में खुशी है। दो हजार से अधिक समायोजित शिक्षामित्रों को इसका लाभ मिलेगा। महिला शिक्षामित्रों को विकल्प की भी व्यवस्था है। लेकिन प्रक्रिया शुरु न होने से समस्या खड़ी हो सकती है। तिथि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु होने की आशंका में मामला लटकने की आशंका जताई जा रही है।.

जिले के 96 अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के चयन की कार्रवाई भी फाइलों में कैद है। प्रक्रिया पूरी होने और गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद भी अभी तक आदेश जारी नही हो पाए हैं। इसके कारण अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हैं। करीब 39 प्रधानाध्यापकों और दो सौ से अधिक सहायक अध्यापक के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। .

कस्तूरबा स्कूलों में रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया भी फाइलों में गोते लगा रही है। हाल यह है कि अभी तक विज्ञप्ति ही जारी नही हुई। वहीं पूर्व में चयन के लिए बनाई गई वेटिंग सूची पर भी अमल नही हुआ है। शासन के निर्देशों को मानें तो एक साल तक वेटिंग सूची में शामिल को मौका देना चाहिए।.

शिक्षामित्रों के मूल वापसी के साथ ही शिक्षकों के समायोजन का आदेश भी जारी हुआ है। दोनो की प्रक्रिया 5 अगस्त तक पूरी करनी है और अभी तक विभाग खामोश है। माना जा रहा है कि दोनो प्रक्रिया लम्बी है और समय से पूरे होने के लिए वक्त चाहिए। ऐसे में अभी से ही प्रक्रिया शुरु होगी तभी बात बन पाएगी। .

mul school wapasi par afsaron ki 'kundali'
July 24, 2018

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