Jul 23, 2018

शिक्षामित्रों के खिले चेहरे, मूल विद्यालय में भेजे जाएंगे समायोजन के बाद दूसरे विद्यालयों में हुई थी तैनाती

शिक्षामित्रों के खिले चेहरे
shikshamitron ke chehre khile, mul vidyalay me bheje jayenge samayojan ke bad dusare vidyalayon me hui thi tainati

शासन के आदेश से खळ्श, मूल विद्यालय में भेजे जाएंगे समायोजन के बाद दूसरे विद्यालयों में हुई थी तैनाती


24 जळ्लाई तक शिक्षामित्र भरें प्रारूप


जागरण संवाददाता, मैनपुरी: सहायक अध्यापक के पद से समायोजन निरस्त होने के बाद अब शासन ने शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में भेजने का आदेश जारी किया है। जिससे शिक्षामित्रों के चेहरे खिल उठे हैं।

जिले में 2004 के दौरान शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन हुआ था। लेकिन बीते वर्ष जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने उनका समायोजन निरस्त कर दिया। जिसके बाद शिक्षामित्रों ने अपने मूल विद्यालय में कार्य करने की मांग उठाई थी। बताते चलें कि शिक्षामित्रों को उनके विकास खंड के सबसे नजदीक विद्यालय पर नौकरी दी गई थी। लेकिन समायोजन होने के बाद उन्हें दूसरे ब्लॉकों में स्थानांतरित कर दिया गया।


समायोजन निरस्त होने के बाद से ही लगभग दूसरे विद्यालयों में तैनात डेढ़ हजार शिक्षामित्र अपने मूल विद्यालय पर तैनाती की मांग कर रहे थे। बुधवार को शासन से हरी झंडी मिलने के बाद शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। लेकिन इससे विद्यालयों में शिक्षकों का गणित गड़बड़ाने की आंशका बनी हुयी है। जिले में 1633 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से कुछ विद्यालय ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या पूरी है। लेकिन अगर शिक्षामित्रों का स्थानांतरण होगा तो कुछ विद्यालयों में शिक्षक बढ़ जाएंगे तो कुछ विद्यालयों के संचालन पर संकट खड़ा हो जाएगा।


जिले के लगभग तीन सौ प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के अलावा केवल एक ही शिक्षामित्र है। ऐसे में अगर शिक्षामित्र अपने मूल स्कूल में चले जाएंगे तो विद्यालय में शिक्षण कार्य में दिक्कत होगी। प्रभारी बीएसए जेपी पाल ने बताया कि आदेश मिलने के बाद शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में भेजने का काम शुरू किया जाएगा।जब शिक्षामित्रों का मानदेय घटा दिया गया है तो उन्हें मूल विद्यालय पर तैनात किया जाना चाहिए। जिससे कम से कम आने जाने पर खर्च होने वाले हजारों रुपये बच सकें।


विनीत प्रताप सिंह।
शिक्षामित्र पूरी मेहनत के साथ विद्यालयों में शिक्षण कार्य करते हैं। लेकिन इसके बाद भी उनका समायोजन निरस्त कर दिया गया। कम से कम उन्हें मूल विद्यालय पर तो भेजा जाना चाहिए।


शुभम शक्ति भदौरिया।
सरकार शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में भेजने का निर्णय लिया है, वह सही है। लेकिन शिक्षामित्रों के कार्य को देखते हुए सरकार को मानदेय में भी वृद्धि करनी चाहिए। 1अजय यादव।

सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के समायोजन पर विचार करने के लिए प्रदेश सरकार को कहा था। लेकिन सरकार ने इस पर विचार नहीं किया। मेरी अपील है कि मुख्यमंत्री शिक्षामित्रों की मांग पर विचार करें।

सनत पांडेय।
मैनपुरी : शासन द्वारा शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय में भेजने के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। इसके लिए सभी शिक्षामित्रों से 24 जुलाई तक प्रारूप पत्र भरकर जमा करने के लिए कहा गया है। इस प्रारूप में शिक्षामित्रों को मूल तैनाती वाले विद्यालय का नाम भरकर जमा करना होगा। महिलाएं इसके अलावा पति के निवास या ससुराल के लिए भी विकल्प भरकर जमा कर सकती है। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रारूप सभी खंड शिक्षाधिकारियों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। अगर कोई शिक्षामित्र प्रारूप भरकर नहीं देता है तो उसे कार्यालय के पास उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार विद्यालय आवंटित कर दिया जाएगा।


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