बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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जनवरी 07, 2018

अधर में फंसा सवा दो लाख अभ्यर्थियों का भविष्य,कल आएगा आरओ/एआरओ का विज्ञापन, पुराने रिजल्ट का पता नहीं,361 पुराने पदों पर भर्ती अटकी, अब 465 पदों के लिए होनी है परीक्षा

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) 30 दिसंबर को समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) परीक्षा- 2017 का विज्ञापन जारी करने जा रहा है लेकिन पिछली परीक्षा के परिणाम का कोई अतापता नहीं। विवाद के कारण आरओ-एसआरओ परीक्षा-2017 का परिणाम फंसा है और इसकी वजह से तकरीबन सवा दो लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

यूपीपीएससी आरओ-एआरओ परीक्षा 2017 के तहत सामान्य चयन में 460 पदों और विशेष चयन/बैकलॉग में पांच पदों पर भर्ती करने जा रहा है। इसके लिए आयोग की वेबसाइट पर 30 दिसंबर को विस्तृत विज्ञापन जारी किया जाएगा। इसके अलावा 13 जनवरी को रोजगार समाचार में भी विस्तृत विज्ञापन जारी किया जाएगा। इन सबके बीच अभ्यर्थियों को आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2016 का रिजल्ट आने का इंतजार है।

इस परीक्षा का आयोजन 27 नवंबर 2016 को किया गया था, जिसमें दो लाख 32 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। 361 पदों के लिए परीक्षा दो पालियों में हुई थी। पहली पाली में सामान्य अध्ययन और दूसरी पाली में हिंदी का पेपर आया था। पहला पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। बाद में दूसरे पेपर के आउट होने के साक्ष्य भी सामने आए थे। आयोग ने अपने स्तर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की थी। न्यायालय के आदेश में मुकदमा लिखा गया था।

शुरुआत में जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी। बाद में योगी सरकार ने यह जांच सीबीसीआईडी के हवाले कर दी। मामला न्यायालय में लंबित है और सीबीसीआईडी इसकी जांच कर रही है। आयोग के अफसर खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सबकुछ जांच रिपोर्ट और न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगा।

ऐसे में जो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे और उस वर्ष वे निर्धारित आयु सीमा पुरी कर रहे थे, उन्हें अब चिंता सता रही है कि उनके भविष्य का क्या होगा। आयोग परिणाम जारी करेगा या नहीं। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर वक्त रहते आयोग ने अपने स्तर से कार्रवाई की होती तो यह विवाद इतना लंबा नहीं चलता और न ही उनका भविष्य संकट में पड़ता।

ओ-लेवल’ सर्टिफिकेट हटाने की फिर उठी मांग

- आरओ/एआरओ परीक्षा-2017 में भी एआरओ के आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए ‘ओ-लेवल’ सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा जबकि अभ्यर्थी इसका विरोध कर रहे हैं। प्रतियोगियों का आरोप है कि इसकी आड़ में भ्रष्टाचार होता है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने छह नवंबर को आयोग में ज्ञापन देकर मांग की थी कि ‘ओ-लेवल’ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता समाप्त की जाए। आयोग ने इस पर निर्णय के लिए मामला कार्मिक विभाग को भेज दिया, जहां यह अब तक लंबित पड़ा है। अब शासन को दोबारा ज्ञापन भेजा गया है।

अधर में फंसा सवा दो लाख अभ्यर्थियों का भविष्य,कल आएगा आरओ/एआरओ का विज्ञापन, पुराने रिजल्ट का पता नहीं,361 पुराने पदों पर भर्ती अटकी, अब 465 पदों के लिए होनी है परीक्षा Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Staff

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