बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

अक्तूबर 04, 2017

रामपुर : आंदोलन - प्रेरक एकता कल्याण समिति के सदस्य जिलाध्यक्ष शोभा सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर एकत्र होकर शिक्षा प्रेरकों ने किया प्रदर्शन

रामपुर: प्रेरक एकता कल्याण समिति के सदस्य जिलाध्यक्ष शोभा सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए।

इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि भारत साक्षर मिशन के तहत प्रेरकों ने अपनी मेहनत एवं बेहतर कार्य कौशल से देश की साक्षरता को 81 प्रतिशत तक पहुंचाने में मदद की है।

उनकी इस मेहनत को देखते हुए सरकार को उनका समायोजन अगली साक्षरता योजना में करना चाहिए, जिससे वह आगे भी देश के लिए बेहतर कार्य कर सकें। मानदेय के नाम पर प्रेरकों से खिलवाड़ किया जा रहा है, दैनिक मजदूरी से भी कम रूपयों में काम करने के लिए प्रेरक मजबूर हैं।

सरकारी रिकाडरें में तो मानदेय प्रेरकों को मिल रहा है, लेकिन उसे प्राप्त करने के लिए भी बेसिक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं। सरकार ने प्रेरकों को विधानसभा चुनाव में वीडियोग्राफी के लिए लगाया था, लेकिन उनका अतिरिक्त भुगतान इतने दिनों के बाद भी नहीं हुआ है।

उन्होंने ज्ञापन में मांग करते हुए कहा कि प्रेरकों का नवीनीकरण तत्काल रूप से बंद करके अगली योजना में शत-प्रतिशत समायोजन किया जाना चाहिए। प्रेम सिंह, प्रमोद कुमार, रचना मिश्र, सुनीता कुमारी, नीतू आर्य, सुरेंद्रपाल, शबाना बी, मेहनाज बी, गुलनाज, मन्नान, बृजेश कुमार, राजपाल,गोविंद राम राठौर, प्रताप सिंह रहे।

रामपुर : आंदोलन - प्रेरक एकता कल्याण समिति के सदस्य जिलाध्यक्ष शोभा सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर एकत्र होकर शिक्षा प्रेरकों ने किया प्रदर्शन Rating: 4.5 Diposkan Oleh: क्रांति भूषण आर्य

वैधानिक चेतावनी

इस ब्लॉग/वेबसाइट की सभी खबरें व शासनादेश सोशल मीडिया से ली गई हैं । कृपया खबरों / शासनादेशों का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें | इसमें ब्लॉग एडमिन की कोई जिम्मेदारी नहीं है | पाठक खबरों के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा | किसी भी वाद - विवाद की स्थिति में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का अंतिम निर्णय मान्य होगा ।