बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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नवंबर 06, 2016

हद है, यूपी के इस विभाग में अफसर नहीं चाहते प्रमोशन


इलाहाबाद
उत्तर प्रदेश में जिला विद्यालय निरीक्षक की मलाईदार कुर्सी पर बैठे शिक्षा विभाग के अफसर प्रमोशन नहीं चाहते। क्लास वन से उप शिक्षा निदेशक पद पर प्रमोशन के लिए 8 नवंबर को लखनऊ में डीपीसी होनी है लेकिन डीआईओएस की कुर्सी से होने वाली लाखों-करोड़ों की कमाई बचाने के लिए ये अधिकारी एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं।

उप शिक्षा निदेशक (डीडी) पद पर प्रमोशन के लिए शिक्षा निदेशालय से कई बार मांगने के बाद काफी दबाव में इन अफसरों ने अपनी कान्फीडेंशियल रिपोर्ट (सीआर) या गोपनीय आख्या भेजी।

इनमें से तकरीबन एक दर्जन अफसर इतने शातिर निकले कि सीआर में अपने खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स इंट्री) करवा ली ताकि प्रमोशन के लिए उनके नाम पर विचार ही न हो।

वर्तमान में यूपी बोर्ड की 10वीं-12वीं की परीक्षा के लिए स्कूलों को केन्द्र बनाने का काम चल रहा है जिसके कारण ये अफसर हटना नहीं चाहते।

शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद से अक्तूबर में शासन को जो प्रस्ताव भेजा गया है उसमें सितंबर 2016 तक खाली उप शिक्षा निदेशक के 35 पदों पर प्रमोशन की बात है। 1996 तक के 79 क्लास वन अफसरों की लिस्ट भेजी गई है।

सेंटर, ट्रांसफर, पोस्टिंग व नियुक्ति कमाई का जरिया
इलाहाबाद। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बैठे अफसरों को ट्रांसफर, पोस्टिंग और नियुक्ति से मोटी कमाई होती है।

डीआईओएस हर साल यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए स्कूलों को सेंटर बनाते हैं। नकल करवाने का ठेका लेने वाले प्राइवेट प्रत्येक स्कूल दो-ढाई लाख रुपए तक सेंटर पाने के लिए देते हैं। सेंटर से ही करोड़ों रुपए की कमाई होती है। इसके अलावा अल्पसंख्यक विद्यालयों और संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती में लाखों रुपए की वसूली होती है।

प्रमोशन के बाद नहीं कर पाएंगे काली कमाई
इलाहाबाद। डीआईओएस से उप शिक्षा निदेशक के पद पर प्रमोशन के बाद काली कमाई नहीं रह जाएगी। प्रमोशन के बाद ये अफसर डायट प्राचार्य, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक या एससीईआरटी के अधीन विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में तैनाती हो जाती है जहां कमाई का कोई दूसरा जरिया नहीं है।

सियासी रसूख से क्लास टू अफसर बने डीआईओएस
मलाईदार पदों पर तैनाती में सियासी रसूख की अहम भूमिका है। यही कारण है कि क्लास टू अफसर डीआईओएस बने बैठे हैं। जबकि नियम है कि क्लास वन अफसरों के रहते क्लास टू अफसर डीआईओएस नहीं बन सकता।

फिलहाल भदोही के जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष मिश्र क्लास टू अधिकारी हैं लेकिन क्लास वन के पद पर बने हुए हैं। कुछ दिनों पहले तक क्लास टू अफसर दिनेश यादव आगरा के डीआईओएस थे। इलाहाबाद के चर्चित पूर्व डीआईओएस राजकुमार यादव को इलाहाबाद में तैनाती दिलाने के लिए सपा के बड़े नेता का हाथ रहा।

आय से अधिक संपत्ति के लगते रहे हैं आरोप
शिक्षा विभाग के अफसरों पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगते रहे हैं। सपा के वर्तमान एमएलसी व पूर्व शिक्षा निदेशक बासुदेव यादव के खिलाफ तीन साल पहले हाईकोर्ट में याचिका हुई थी।

एक अफसर को एक से अधिक पद दिए जाने, वरिष्ठता की अनदेखी कर जूनियर अफसरों को अहम पद सौपें जाने के आरोप आम हैं।

शिक्षा विभाग में अफसरों की संख्या
पद संख्या
निदेशक 04
अपर निदेशक 12
संयुक्त निदेशक 21
उप निदेशक 107
जिला विद्यालय निरीक्षक 193

इनका कहना है उप निदेशक के 35 पदों पर प्रमोशन का प्रस्ताव अक्तूबर में भेजा गया था। प्रमोशन के बाद जल्द ही नए पद पर तैनाती दी जाएगी।

अनिल भूषण चतुर्वेदी, उप शिक्षा निदेशक सेवा (1) शिक्षा निदेशालय

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