बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

नवंबर 11, 2016

इलाहबाद: राज्य सरकार लड़कियों को फ्री शिक्षा देगी क्या : हाईकोर्ट    


इलाहाबाद
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर टांडा स्थित वक्फ मस्जिद कोहना संख्या 72 की जमीन पर लड़के-लड़कियों के लिए बन रहे दो इंटर कॉलेजों को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से पूछा है कि क्या वह लड़कियों को मुफ्त शिक्षा देगी और क्या इस जमीन का शिक्षा के अलावा व्यावसायिक प्रयोग नहीं किया जाएगा।

कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले एवं न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने वक्फ मस्जिद कोहना की याचिका पर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि सरकार समाज के हित में इंटर कॉलेज बना रही है। मुस्लिम समाज की शिक्षा की स्थिति को देखते हुए यह जनहित में उठाया गया कदम है। कॉलेज खोलना समाज के हित में है।

राज्य सरकार ने वक्फ की पांच एकड़ जमीन में दो इंटर कॉलेज बनाने का फैसला लिया है। निर्माण कार्य जारी है। सरकार इस जमीन के वार्षिक किराए के रूप में वक्फ को 90 हजार रुपये प्रतिवर्ष देगी। कोर्ट ने कहा कि वक्फ मुस्लिम समाज के हित में क्या कर रहा है।

कोर्ट ने मस्जिद का एरिया एवं उसके एकाउंट का ब्योरा भी मांगा है। याची का कहना है कि यह किराया काफी कम है। एक्ट के तहत लीज देने के लिए नीलामी की व्यवस्था है। ऐसा सरकार की अनुमति से वक्फ हित में किया जा सकता है।

यदि नीलामी होती तो वक्फ को अधिक किराया मिल सकता है। कोर्ट ने कहा यदि सरकार स्वयं कॉलेज का निर्माण समुदाय को शिक्षित करने के लिए करा रही है। ऐसे में नीलामी के नियम नहीं लागू होंगे। कोर्ट ने जानना चाहता है कि टांडा की आबादी कितनी है और कितने इंटर कॉलेज हैं क्या वे पर्याप्त है।

इलाहबाद: राज्य सरकार लड़कियों को फ्री शिक्षा देगी क्या : हाईकोर्ट     Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

वैधानिक चेतावनी

इस ब्लॉग/वेबसाइट की सभी खबरें व शासनादेश सोशल मीडिया से ली गई हैं । कृपया खबरों / शासनादेशों का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें | इसमें ब्लॉग एडमिन की कोई जिम्मेदारी नहीं है | पाठक खबरों के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा | किसी भी वाद - विवाद की स्थिति में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का अंतिम निर्णय मान्य होगा ।