बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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नवंबर 22, 2016

मिर्जापुर: परीक्षा केंद्र बनाने में की गई मनमानी से बढ़ी परेशानी

मिर्जापुर।
यूपी बोर्ड की 2017 में होने वाली परीक्षा का केंद्र बनाने में जिला स्तरीय केंद्र निर्धारण कमेटी ने जम कर मनमानी की है। सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों का केंद्र काटा दिया गया।

जबकि वित्त विहीन विद्यालयों के मानकों का ध्यान रखे बिना केंद्र बना दिया गया। गैर सरकारी सहायता प्राप्त संसाधन युक्त विद्यालयों की अनदेखी की गई।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षा के लिए जारी केंद्र निर्धारण सूची से नगर के मध्य स्थितरैदानी कालोनी स्थित एडेड महर्षि दयानंद बालिका इंटर मीडिएट कालेज विद्यालय का सेंटर काट दिया गया।

जबकि यहां बालिकाएं पढ़ती हैं अब इनको यहां से दूसरे केंद्र पर परीक्षा देने के लिए जाना पड़ेगा। इसी प्रकार राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय परसिया, सिटी ब्लाक के चंदयीपुर स्थित अनंदाचरण बनर्जी कालेज का भी इस साल केंद्र हटा दिया गया।

जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद का स्पष्ट निर्देश है कि सहायता प्राप्त, सरकारी विद्यालयों को पहले सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही बालिकाओं को ध्यान में रखते हुए ही सेंटर निर्धारित किए जाएं।

चंदयीपुर का सेंटर काटने के पीछे बाउंड्री न होना बताया गया। जबकि महर्षिदयानंद की बिल्डिंग को जर्जर बताया गया। परीक्षा विभाग ने वित्त विहीन में भी ऐसे कई विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया है जिनके पास संसाधनों की खासी कमी है।

मसलन मुख्य सड़क से दूरी, कमरे, बाउंड्रीवाल, परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था। केंद्र बनाने की प्रबंधकों की जोड़तोड़ जारी है। भरूहना स्थित एक कम संसाधन वाले विद्यालय को भी केंद्र बनाने के लिए प्रस्तावित किया गया है।

वित्त विहीन विद्यालयों पर विशेष कृपा की गई है। जिस विद्यालय के पास बाउंड्री आदि नहीं है उन्हें भी केंद्र के लिए प्रस्तावित किया गया है।

तो फिर कैसे बढ़ गए छह परीक्षा केंद्र
मिर्जापुर। वर्ष 2016 की अपेक्षा इस साल 1529 परीक्षार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद छह परीक्षा केंद्रों का बढ़ जाना लोगों को हजम नहीं हो पा रहा है।

2016 में यूपी परीक्षा में हाईस्कूल एवं इंटर को मिलाकर 78 हजार 482 परीक्षार्थियों ने 129 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दी थी जबकि 2017 में कक्षा दस व 12 वीं के पंजीकृत 76,953 परीक्षार्थियों के लिए 135 केंद्र प्रस्तावित हैं।

जिला केंद्र निर्धारण की मनमानी के चलते एक ओर जहां बोर्ड का परीक्षा खर्च बढ़ेगा वहीं दूसरी ओर परीक्षा ड्यूटी के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों का टोटा होगा।

परीक्षा में प्रत्येक वर्ष ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों, शिक्षकों की भारी कमी होती है। पूरी परीक्षा खत्म हो जाती है फिर भी शिक्षक केंद्रों तक पहुंच नहीं पाते। पिछले साल लालगंज 15, सदर 72, मड़िहान 10 और चुनार में 32 परीक्षा केंद्र थे।

वहीं हाइस्कूल में 43,911, इंटर में 34,571 परीक्षार्थी थे। इस साल कक्षा दस में 45,773 और कक्षा 12 में 31,180 छात्र पंजीकृत हैं। माना जा रहा है कि जिला विद्यालय निरीक्षक के परीक्षा विभाग के लिपिकों की खुले हाथ से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

मिर्जापुर: परीक्षा केंद्र बनाने में की गई मनमानी से बढ़ी परेशानी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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