बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

नवंबर 05, 2016

कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज का शासनादेश जारी


लखनऊ।
प्रदेश शासन ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को असाध्य बीमारियों के लिए कैशलेस इलाज कराने के लिए शासनादेश जारी कर दिया है।

शासनादेश में सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी. हेकली झिमोमी ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिए हैं कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को असाध्य एवं आपातकालीन बीमारियों में सीजीएचएस की तरह राज्य सरकार द्वारा अनुबंधित निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा की मंजूरी दे दी गई है।

यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ कार्ड डाटाबेस के संबंध में तकनीकी निदेशक एनआईसी लखनऊ द्वारा 27 अक्तूबर 2016 के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। एनआईसी सारी सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराएगी।

एनआईसी कैशलेस इलाज सुविधा पोर्टल विकसित करेगी। यूपी के महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य इसके लिए हार्डवेयर, सोफ्टवेयर, लाइववेयर व संबंधित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

एनआईसी के जरिए ही हेल्थ कार्ड निजी कंपनी से बनवाए जाएंगे। हेल्थ कार्ड पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों और उनके आश्रित परिवारीजनों का सारा ब्योरा दर्ज किया जाएगा।

शासनादेश जारी करने के लिए कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीपी मिश्रा, राज्य कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अतुल मिश्रा, जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश पांडेय और महामंत्री सुशील बच्चा ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुख्य सचिव राहुल भटनागर और प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरुण सिन्हा का आभार जताया है।

हाल ही में ये कर्मचारी नेता मुख्यमंत्री से मिले थे, तब उन्होंने कैशलेस इलाज की सुविधा जल्द दिलाए जाने का आश्वासन दिया थ

कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज का शासनादेश जारी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

वैधानिक चेतावनी

इस ब्लॉग/वेबसाइट की सभी खबरें व शासनादेश सोशल मीडिया से ली गई हैं । कृपया खबरों / शासनादेशों का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें | इसमें ब्लॉग एडमिन की कोई जिम्मेदारी नहीं है | पाठक खबरों के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा | किसी भी वाद - विवाद की स्थिति में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का अंतिम निर्णय मान्य होगा ।