बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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नवंबर 12, 2016

इलाहबाद : शिक्षक पद पर चयन के 12 साल बाद मिली नौकरी    


इलाहाबाद
केस वन: कुमारी वालेश देवी प्रवक्ता हिन्दी पद पर 2003 के विज्ञापन में चयनित हुई थी। जवाहर लाल नेहरू स्मृति इंटर कॉलेज रवापुरी राठेडी मुजफ्फरनगर में इनकी तैनाती का आदेश अक्तूबर 2016 में जारी हुआ।

केस टू: गीता सिंह का चयन प्रवक्ता नागरिक शास्त्र पद पर 2004 के विज्ञापन में हुआ था। श्री राम स्वरूप सिंघल गर्ल्स इंटर कॉलेज दरेसी आगरा में इनकी तैनाती का आदेश पिछले महीने अक्तूबर में जारी हुआ।

केस थ्री: नीलेश पंकज का चयन प्रवक्ता हिन्दी के पद पर 2010 के विज्ञापन में हुआ था। इनकी तैनाती का आदेश गुरुवार को जारी हुआ।

कहते हैं भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं। यह कहावत सच्चे अर्थों में एडेड कॉलेजों में शिक्षक पद पर चयनित उन प्रतियोगियों पर लागू हुई है जिनका चयन तो 10-12 साल पहले हुआ था लेकिन नौकरी अब जाकर मिली है।

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी-पीजीटी 2003 से लेकर 2010 तक की भर्ती में कई ऐसे अभ्यर्थी भी थे जिनका चयन तो हुआ लेकिन तैनाती नहीं हो सकी। क्योंकि चयन बोर्ड ने जिन पदों पर भर्ती की वहां जब ये चयनित शिक्षक पहुंचे तो उस पद पर पहले से शिक्षक कार्यरत थे।

कॉलेज प्रबंधकों ने हाईकोर्ट के निर्देश पर, पारस्परिक ट्रांसफर, मृतक आश्रित आदि के जरिए रिक्त पद भर दिए। इसके चलते चयनित शिक्षक चयन बोर्ड से लेकर स्कूल और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।

चयन के बावजूद नौकरी इसलिए नहीं मिल पा रही थी क्योंकि नियमावली के अनुसार जिस विज्ञापन में चयन हुआ है उसमें खाली पदों पर ही समायोजित किया जा सकता है। चयन बोर्ड ने दो साल पहले नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा था लेकिन मंजूरी नहीं मिली।

इस बीच नए अध्यक्ष हीरालाल गुप्ता और सचिव रूबी सिंह ने पुराने विज्ञापन में खाली पदों का ब्योरा मंगवाकर समायोजन की कार्रवाई शुरू कर दी। पिछले दिनों छह चयनित शिक्षकों को समायोजित किया जा चुका है।

इस कदम से उन 600 से अधिक असमायोजित शिक्षकों में आस जगी है जो सालों से दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

इनका कहना है
हाईकोर्ट के आदेश पर पूर्व में चयनित चार अभ्यर्थियों को उसी विज्ञापन में रिक्त पद के सापेक्ष तैनाती दी गई है, जबकि दो अभ्यर्थियों को चयन बोर्ड ने अपने स्तर पर खाली पद के सापेक्ष समायोजित करने का निर्णय लिया है।

रूबी सिंह, सचिव माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड

इलाहबाद : शिक्षक पद पर चयन के 12 साल बाद मिली नौकरी     Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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