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अक्तूबर 20, 2016

डीआइओएस राजकुमार निलंबित क्यों नहीं? यौन शोषण के आरोपों पर कोर्ट ने पूछा सवाल, सरकार से मांगी कार्यवाही रिपोर्ट

इलाहाबाद : हाईकोर्ट ने इलाहाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार यादव के खिलाफ अध्यापिकाओं के यौन शोषण के आरोप को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से कार्यवाही रिपोर्ट मांगी है।

कोर्ट ने पूछा है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद उन्हें निलंबित क्यों नहीं किया गया। याचिका की सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी।

याची का कहना है कि बीएसए पद पर रहने के दौरान राजकुमार ने दर्जनों अध्यापिकाओं का यौन शोषण किया और उन्हें परेशान किया। विभाग के ही अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

कोर्ट ने याचिका में लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया और स्थायी अधिवक्ता से पूछा कि ऐसे अधिकारी को निलंबित क्यों नहीं किया गया और यौन शोषण की शिकायतों की प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई।

मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता मिथिलेश कुमार मिश्र की जनहित याचिका की सुनवाई हुई।

प्रदेश सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने कहा कि बीएसए रहने के दौरान राजकुमार पर आरोप लगे हैं। अब राजकुमार जिला विद्यालय निरीक्षक हैं। इन पर अब माध्यमिक शिक्षा विभाग का अनुशासनिक अधिकार है। कार्यवाही की जानकारी के लिए समय दिया जाए।

इस पर कोर्ट ने 24 अक्टूबर को जानकारी पेश करने का निर्देश दिया। याची के अधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि यौन शोषण के आरोपों के बावजूद बीएसए की प्रोन्नति कर जिला विद्यालय निरीक्षक बनाया गया है।

डीआइओएस राजकुमार निलंबित क्यों नहीं? यौन शोषण के आरोपों पर कोर्ट ने पूछा सवाल, सरकार से मांगी कार्यवाही रिपोर्ट Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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