बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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अक्तूबर 20, 2016

उच्च शिक्षा निदेशक व वित्त नियंत्रक पर क्यों न हो मुकदमा, गलत हलफनामा देने पर हाईकोर्ट गंभीर ’दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश


इलाहाबाद : गलत हलफनामा दाखिल कर हाई कोर्ट को गुमराह करना उच्च शिक्षा निदेशक इलाहाबाद डॉ. आरपी सिंह व वित्त नियंत्रक एके सिंह को भारी पड़ा है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी की है और स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न इन अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 193 का अपराध करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 340 के तहत आपराधिक मुकदमा कायम किया जाए।

कोर्ट ने सीजेएम इलाहाबाद के मार्फत दोनों अधिकारियों को नोटिस देने को कहा है। याचिका की अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी।

1याचिका पर अधिवक्ता बीएन मिश्र व आरबी मिश्र ने बहस की। याची महात्मा गांधी पीजी कॉलेज फतेहपुर ने कॉलेज स्टॉफ सहित अध्यापकों का सात महीने से वेतन रोकने को चुनौती दी है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि गबन के आरोपी पूर्व प्राचार्य अवधेश कुमार सिंह के जीपीएफ भुगतान अटके रहने को आधार मानते हुए दोनों अधिकारियों ने कॉलेज के स्टॉफ व अध्यापकों का वेतन रोक दिया है। कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा गया कि निदेशक को कॉलेज का वेतन रोकने का कानूनी अधिकार है।

वेतन रोक कर गलती नहीं की है क्योंकि कॉलेज की प्रबंध समिति पूर्व प्राचार्य के जीपीएफ का भुगतान नहीं करा रही है। इसके बाद हलफनामा दाखिल कर कहा कि कॉलेज का वेतन नहीं रोका गया है। 20 सितंबर को इसे जारी कर दिया गया है।

20 सितंबर को जारी आदेश अभी अधिकारियों के हाथ में ही है। कोर्ट को गुमराह करने व गलत हलफनामा दाखिल करने पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है और कहा है कि अधिकारियों ने स्वयं ही सिविल व आपराधिक कार्यवाही का आमंत्रण दिया है।

उच्च शिक्षा निदेशक व वित्त नियंत्रक पर क्यों न हो मुकदमा, गलत हलफनामा देने पर हाईकोर्ट गंभीर ’दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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