बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

सितंबर 14, 2016

Railway: रेलवे की ग्रुप डी भर्ती सवालों के घेरे में, रद होगी भर्ती या निकाले जाएंगे फ्राड

रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी) इलाहाबाद के चेयरमैन बसंत लाल शाह की गिरफ्तारी के बाद उनके कार्यकाल में हुई ग्रुप डी की भर्तियां सवालों में हैं। आशंका है कि उनके आफिस के कई और कर्मचारी पूछताछ की जद में सकते हैं।

साथ ही फर्जी तरीके से भर्ती कई कर्मचारियों की नौकरी भी जा सकती है। बसंत के कार्यकाल में करीब आठ हजार नियुक्तियां हुई थी। 1इलाहाबाद वर्ष 2002-03 में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के रूप में वजूद में आया।

ग्रुप डी कर्मचारियों की भर्ती के लिए आरआरसी का गठन 2005 में हुआ। उस वक्त उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में ग्रुप डी कर्मचारियों की भारी कमी थी। वर्ष 2007 में ग्रुप डी के करीब दो हजार पदों के लिए भर्ती निकली थी।

इसी दौरान बसंत लाल शाह आरआरसी के चेयरमैन बने। आरोप है कि उन्होंने आवेदकों से लाखों रुपये लेकर चयन में भारी गड़बड़ी की। परीक्षा का पेपर आउट हुआ और फिर आंसर शीट में खेल किया गया। बिहार के युवाओं के युवाओं की जमकर भर्ती हुई।

बसंत लाल बिहार से हैं और अनुसूचित जनजाति से आते हैं। उन पर दलित युवकों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। मीडिया में कुछ बातें आईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2010 में फिर से 5648 पदों के लिए भर्ती निकाली।

2012 में परीक्षा हुई और पेपर आउट हुआ। रेलवे की विजिलेंस भी सक्रिय हुई और कई मामले पकड़े गए लेकिन खेल चलता रहा। दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि बसंत लाल शाह जिन अभ्यर्थियों को नकल नहीं करा पाए, उनकी आंसरशीट भी चेंज कर दी।

दलालों के मार्फत पैसों का जमकर लेन देन हुआ। मीडिया में मामला उछला तो पहली मार्च 2013 को बसंत लाल शाह हटाकर डीआरएम आफिस में तैनात सीनियर डीपीओ संजीव कुमार को सेल का चेयरमैन बनाया गया। संजीव कुमार के कार्यकाल में सैकड़ों फर्जी अभ्यर्थियों को डिबार किया गया।

1संजीव कुमार जब चेयरमैन बने तो शाह के कार्यकाल की तमाम अव्यवस्थाएं सामने आ गईं। करीब चार सौ फ्राड केस सामने आए। परीक्षा के बाद एक ओएमआर शीट चेयरमैन के पास और एक रेलवे जीएम के पास होती है। रिजल्ट निकालने के बाद दोनों शीट का मिलान कराया गया।

इस दौरान 28 ऐसी ओएमआर शीट मिली, जिनमें परीक्षा के बाद गोला लगाया गया था। यही गड़बड़ी का प्रमाण बना और इसको ही आधार बनाते हुए सीबीआइ ने शाह के खिलाफ 28 अगस्त को 2014 को केस दर्ज किया। अब दो साल बाद शाह और उनके तीन अन्य साथियों की गिरफ्तारी हुई है।

1रेल कर्मियों के बच्चे हुए भर्ती1भर्ती घोटाले में चेयरमैन सहित वहां के सभी कर्मचारी शामिल रहते थे। तमाम कर्मचारियों ने भी बहती गंगा में हाथ धोया। अपने रिश्तेदारों और बच्चों को नौकरी दिलवाई। मुद्दत बाद ग्रुप डी की भर्ती निकली थी इसलिए जिसे जहां मौका मिला, उसने मनमानी की।

रद होगी भर्ती या निकाले जाएंगे फ्राड
बसंत लाल शाह के कार्यकाल की सारी भर्ती रद होंगी अथवा फ्राड करने वाले ही निकाले जाएंगे, यह सवाल भी उठ रहा है। रेल अफसरों की माने तो पूरी भर्ती रद करना आसान नहीं होगा। इतना जरुर हो सकता है कि जांच मे जिनके रिकार्ड में गड़बड़ी पाई जाएगी उनको नौकरी से बाहर किया जाएगा।

Railway: रेलवे की ग्रुप डी भर्ती सवालों के घेरे में, रद होगी भर्ती या निकाले जाएंगे फ्राड Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

वैधानिक चेतावनी

इस ब्लॉग/वेबसाइट की सभी खबरें व शासनादेश सोशल मीडिया से ली गई हैं । कृपया खबरों / शासनादेशों का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें | इसमें ब्लॉग एडमिन की कोई जिम्मेदारी नहीं है | पाठक खबरों के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा | किसी भी वाद - विवाद की स्थिति में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का अंतिम निर्णय मान्य होगा ।