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सितंबर 18, 2016

हर पेंशनर को अब वेतन की आधी पेंशन

इलाहाबाद। डिसेबिलिटी पेंशन पा रहे पुराने पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के लिए राहत वाली खबर है। वर्ष 2006 से पहले के मामलों में नियमों को शिथिल करते हुए व्यवस्था कर दी गई है कि पेंशन अंतिम न्यूनतम वेतन के 50 फीसदी से कम नहीं होगी।

वर्ष 2006 या उसके बाद के मामलों में पेंशनरों को यह लाभ पहले से मिल रहा था। अब पुराने पेंशनरों को भी एरियर समेत फायदा मिलेगा।

नियम है कि पेंशन अंतिम न्यूनतम वेतन के 50 फीसदी से कम नहीं होगी। पहले व्यवस्था थी कि पेंशन की गणना सेवाकाल से की जाती थी। 33 साल की सेवा पर पूरी पेंशन बनती थी।

अगर किसी कर्मचारी को डिसेबिलिटी के कारण नौकरी छोड़नी पड़ी तो सेवाकाल कम होने के कारण उसी अनुपात में डिसेबिलिटी पेंशन घटा दी जाती थी। कर्मचारी की मौत के मामले में भी यही होता था।

पारिवारिक पेंशन की गणना में भी यही नियम लागू होने के कारण सेवाकाल कम होने पर उसी अनुपात में पेंशन की धनराशि घटा दी जाती थी।छठवां वेतन आयोग लागू होने के बाद वर्ष 2006 या उसके बाद के पेंशनरों के लिए यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई।

फिर नया नियम लागू किया गया कि डिसेबिलिटी पेंशन या पारिवारिक पेंशन अंतिम न्यूनतम वेतन के 50 फीसदी से कम नहीं होगी। अब केंद्रीय पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग ने वर्ष 2006 से पहले के पेंशनरों के लिए भी यह व्यवस्था लागू कर दी है।

उन्हें भी डिसेबिलिटी या पारिवारिक पेंशन अंतिम न्यूनतम वेतन के 50 फीसदी से कम नहीं मिलेगी। आल इंडिया ऑडिट एंड एकाउंट एसोसिएशन के पूर्व सहायक महासचिव हरिशंकर तिवारी का कहना है कि सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। इससे बड़ी संख्या में पुराने पेंशनरों को राहत मिलेगी।

हर पेंशनर को अब वेतन की आधी पेंशन Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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