बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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सितंबर 07, 2016

लेखपालों ने किया अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान

लखनऊ।
लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को अनिश्चितकालीन तक जारी रखने का ऐलान कर दिया है। अब आंदोलन के दूसरे चरण में प्रदेश भर के 32 हजार लेखपाल धरना-प्रदर्शन, पैदल व मोटर साइकिल रैली से लेकर क्रमिक अनशन व जेल भरो आंदोलन तक करेंगे। इस दौरान एक दिन रक्तदान भी करेंगे। मंगलवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी ने 23 सितम्बर तक आंदोलन की रूपरेखा तय कर दी।

बीते 14 दिनों से प्रदेश भर के लेखपाल वेतन, प्रमोशन, पेंशन, पदनाम, योग्यता बढ़ाने समेत छह मांगों को लेकर कालमबंद कार्य बहिष्कार पर हैं। 30अगस्त को विधान भवन घेराव के कार्यक्रम के दौरान हुए लाठीचार्ज और शासन स्तर पर वार्ता विफल होने के बाद लेखपालों ने अपने आंदोलन को छह सितम्बर तक बढ़ाया था।

इस दौरान भी सरकार की ओर लेखपालों की मांगों पर कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ। इसके बाद मंगलवार को लेखपाल संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लेखपालों ने 23 सितम्बर तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा कर दी है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष राममूरत यादव व महामंत्री बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जब तक लेखपालों की छह सूत्रीय मांगों के संबंध में शासनादेश जारी नहीं किया जाता आंदोलन जारी रहेगा। 23 सितम्बर के बाद दिन प्रतिदिन होने वाले आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

बैठक में प्रदेश भर से आए जिलाध्यक्षों व जिला मंत्रियों ने सरकार के अड़ियल रवैये की निंदा की। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर आंदोलन के दौरान लेखपालों पर शासन या राजस्व परिषद की ओर से कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई तो संघ कठोर कदम उठाने को बाध्य होगा।

अब और बढ़ेगी समस्या
लेखपालों की हड़ताल के कारण बीते दो हफ्तों से प्रदेश भर की तहसीलों में कामकाज प्रभावित है। अब आंदोलन को अनिश्चिकालीन तक बढ़ाने से सबसे बड़ी समस्या छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के सामने खड़ी हो गई है।

30 सितम्बर छात्रवृत्ति के आवेदन की अंतिम तारीख है। बीते 15 दिनों से आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र जारी नहीं हो रहे हैं। अब यह आंदोलन 23 सितम्बर तक चलता है तो इस सूरत में लाखों छात्रों का आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र कैसे जारी होगा। बिना प्रमाणपत्र के छात्र आवेदन भी नहीं कर पाएंगे।

शिकायतों का लगा अंबार
लेखपालों की हड़ताल से मुख्यमंत्री संदर्भ, तहसील दिवस, समाधान दिवस व जन सुविधा केन्द्रों पर आई शिकायतों निस्तारण ठप पड़ा है। हर तहसील में हजारों की संख्या में राजस्व से जुड़ी शिकायतों का अंबार लग गया है। फरियादी शिकायतों के निरस्तारण के लिए तहसील के चक्कर लगाकर लौट रहे हैं। रिपोर्ट के बिना दाखिल खारिज, पारिवारिक लाभ योजना व पैमाइश काम भी लटका पड़ा है।

23 तक आंदोलन की रूपरेखा
7 सितम्बर से जिला मुख्यालयों पर धरना
14 को पैदल रैली
15 को धरना स्थल पर रक्तदान शिविर
19 मोटर साइकिल रैली
20 से 22 तक क्रमिक अनशन
23 सितम्बर को जेल भरो आंदोलन
लेखपालों ने किया बुद्धि -शुद्धि यज्ञ
अपने आंदोलन व कार्य बहिष्कार के 14वें दिन मंगलवार को लेखपालों ने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। लेखपालों मिनिस्टीरियल संघ भवन में हवन किया। इसके बाद प्रसाद वितरण हुआ। इस दौरान लेखपालों ने लोगों की दिक्कतों को देखते हुए सरकार से मांगों के संबंध में शासनादेश जारी करने की मांग की।

लेखपालों की हड़ताल ने रोका सीमा विस्तार का काम
लखनऊ। गोमतीनगर और जानकीपुरम इलाकों का नगर निगम सीमा से जुड़ने का काम लेखपालों की हड़ताल के कारण बाधित हो रहा है।

तहसीलदार देशदीपक सिंह ने बताया कि गांवों के नक्शे और जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। दो हफ्तों से अपनी पेंशन, वेतन प्रमोशन की मांगों को लेकर लेखपाल कार्यबहिष्कार पर हैं। नगर निगम को सात इलाकों के 82 गांवों को अपनी सीमा में शुमार करना है।

काम को तेजी से निपटाने में जुटे अधिकारी निराश है। अक्तूबर तक इनको यह काम पूरा करना था। नगर निगम सीमा में शामिल होने के बाद इन इलाकों के लोगों को नियमित साफ-सफाई, नाला सफाई, घरों के कर निर्धारण, सड़कों और नालियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइटों की सुविधाएं मिलना शुरू हो जायेंगी

लेखपालों ने किया अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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