बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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सितंबर 12, 2016

सूदखोरों से परेशान शिक्षक ने जहर खाकर दी जान

शाहजहांपुर,सूदखोरों से परेशान एक शिक्षक ने जहर खाकर जान दे दी। उसकी पत्नी का कहना है कि तीन लाख के बदले सूदखोरों ने अब तक 70 लाख रुपये वसूले। फिर भी उनके पैसे पूरे नहीं हुए। आए दिन बेइज्जत करते। इससे तंग आकर उनके पति ने जान दे दी।

मामले में थाना सदर बाजार में 10 आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
मोहल्ला बारादरी निवासी 40 वर्षीय मुवस्सिर हुसैन रिजवी उर्फ बहजाद इस्लामिया इंटर कॉलेज में कला के प्रवक्ता थे।

उनकी पत्नी सदफ फात्मा उर्फ ताशी ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उनके पति ने 2005 में बिजलीपुरा में मकान बनवाने के लिए  सूदखोर खालिद, अजीम बेग, उर्फ छम्मन बेग, फैसल, चौहान, प्रवीण, अच्छन, सलीम, राशिद से करीब तीन लाख रुपये उधार लिए थे।

मकान बनवाने के बाद किन्हीं कारणों से मकान बेच दिया था। इसी बीच सूदखोर मूल रकम का 20 से 30 प्रतिशत ब्याज लेते रहे। अब तक 70 लाख रुपये से अधिक ब्याज वसूल कर चुके हैं।

सूदखोर प्रतिमाह मिलने वाला वेतन भी छीन लेते थे, जिससे से परिवार के पालन पोषण में काफी परेशानी होती थी। शनिवार की रात उक्त सभी सूदखोर मोहल्ला मोहम्मद जई निवासी बंटू और एमनजई निवासी अमरेश यादव के साथ घर पर आए और पति के साथ गाली-गलौज करने लगे।

विरोध करने पर सभी उनके साथ भी अभद्रता की। इसी के चलते उसके पति रात भर परेशान रहे और सुबह जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

मैं अब हार गया हूं...
प्यारी ताशी, मैं अब हार गया हूं, मैने बहुत चाहा कि हालत से लड़ता, लेकिन इन सूदखोरों ब्याजियों ने मुझे मरने पर मजबूर कर दिया है। रात दिन यह लोग गाली-गलौज और बदतमीजी हैं। इन्हें करीब 70 लाख रुपये दे चुका हूं।

जान तुम्हें तो मालूम है कि ये पूरी तनख्वाह छीन लेते हैं। न तो बच्चों की फीस समय से जमा हो पाती है न घर का खर्च ही, अम्मी की पूरी पेंशन भी ले जाते हैं। रात दिन जलील हो रहा हूं क्या फायदा जिंदा रहने से।

साथ में तुम्हें भी गालियां मिलती हैं। जान, मेरे बच्चों को बहुत पढ़ाना लिखाना रिया बहुत समझदार है, उसे डाक्टर बनाना, हम्माद से प्यार करना मेरी रूह को सूकून मिलेगा। जान मेरे मरने के बाद ही यह सूदखोर तुम्हें चैन से जीने देंगे। अपना, अम्मी, बच्चों का बहुत प्यार देना।

खुदा हाफिज हमेशा तुम्हरा बहजाद
(सुसाइड नोट में बहजाद ने पत्नी को लिखा)
मौत के बाद शव पहुंचा बड़े भाई के घर बहजाद के बड़े भाई मुस्सविर हुसैन जीएफ कॉलेज में प्रोफेसर हैं। बहजाद की मौत के बाद उनका शव भाई के घर सुभाषनगर कॉलोनी स्थित आवास पर लाया गया।

उनकी मौत की खबर सुनकर रिश्तेदारों और जान पहचान के लोगों की भीड़ लग गई। जिसने सुना वह पहुंच गया। बहजाद की पत्नी ताशी का रो-रोककर बुरा हाल था।

सूचना के बाद पहुंची सदर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर सूदखारों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सूदखोरों से परेशान शिक्षक ने जहर खाकर दी जान Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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