बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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सितंबर 08, 2016

एनजीओ द्वारा 192 किलो दूध में 292 किग्रा पानी मिलाकर बच्चों को परोसा जा रहा, दूध में मिला 152 फीसदी पानी

सहारनपुर के सरकारी विद्यालयों में बच्चों को मिड-डे मील के नाम पर जहर का निवाला परोसा जा रहा है। इसका खुलासा एडी बेसिक के छापे में भी हुआ है। एनजीओ द्वारा 192 किलो दूध में 292 किग्रा पानी मिलाकर बच्चों को परोसा जा रहा था।

बुधवार को एडी बेसिक राधाकृष्ण तिवारी ने मिड-डे मील वितरण करने वाली संस्था नवप्रयास के किचन का निरीक्षण किया। संस्था पर सहारनपुर नगर के परिषदीय 107 प्राथमिक और 24 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 11000 छात्रों को भोजन वितरण की जिम्मेदारी है।

प्रतिदिन किचन पर लगभग 5000 बच्चों का खाना बनता है। बुधवार को संस्था द्वारा दूध और ताहरी उपलब्ध करायी जानी थी। किचन पर छापे में पाया गया कि संस्था द्वारा 192 किग्रा दूध लाया गया था।

जब दूध के प्रत्येक 36 डिब्बों का वजन किया गया तो उनका वजन 484 किग्रा पाया गया। जानकारी की गई तो मुख्य रसोइयां लाखन ने बताया कि दूध में पानी मिला दिया गया है। 192 किग्रा दूध में 292 किग्रा पानी मिलाकर 484 किग्रा दूध बनाया गया है।

ताहरी की गुणवत्ता जांचने पर पता चला कि ताहरी में 310 किग्रा चावल का प्रयोग किया गया है। जब ताहरी के 38 डिब्बों का वजन किया गया तो पके भोजन की मात्रा 715 किग्रा पायी गई।

शासनादेश के अनुसार प्राथमिक में प्रति छात्र 100 ग्राम और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रति छात्रा 150 ग्राम खाद्यान्न का प्रयोग किया जाना है। ताहरी में टमाटर, हरी सब्जियों का प्रयोग नहीं किया गया था।

साथ ही ताहरी में आलू और सोयाबीन भी बहुत कम मात्रा में प्रयोग की गई थी। संस्था के किचन पर आवश्यक अभिलेख नहीं होने ओर गंदगी पाये जाने पर कार्यवाही की संस्तुति कर दी गई है।

एनजीओ द्वारा 192 किलो दूध में 292 किग्रा पानी मिलाकर बच्चों को परोसा जा रहा, दूध में मिला 152 फीसदी पानी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Agrima Singh

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