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जुलाई 14, 2016

आपका बच्चा यदि सीबीएसई स्कूल में जूनियर कक्षा (छठीं से आठवीं) का स्टूडेंट है तो उसके कठिन होमवर्क से निजात मिल सकती है, जानिए कैसे ?

जूनियर कक्षा के बच्चों पर कम होगा होमवर्क का बोझ

ब्यूरो, इलाहाबाद,आपका बच्चा यदि सीबीएसई स्कूल में जूनियर कक्षा (छठीं से आठवीं) का स्टूडेंट है तो उसके कठिन होमवर्क से निजात मिल सकती है।

सीबीएसई की ओर से जारी नए सर्कुलर में छात्रों को ‘अल्टरनेटिव होमवर्क’ का विकल्प देने का फैसला किया गया है।

बोर्ड ने इसके लिए संबद्ध स्कूलों से सुझाव मांगा गया है। बोर्ड ने ‘अल्टरनेटिव होमवर्क’ के बारे में अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों के सुझाव मांगे हैं।

सीबीएसई स्कूलों में होमवर्क को लेकर अभिभावकों एवं स्कूल वालों के बीच आए दिन नोकझोंक की बात सामने आती रही है। स्कूल वालों की ओर से मनमाने तरीके से होमवर्क थोपे जाने से परेशान अभिभावकों को नए विकल्प से राहत मिल सकती है।

अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों से अधिक होमवर्क थोप दिए जाने से बच्चों को खेलने केलिए समय नहीं मिल पाता है। अभिभावकों की शिकायत को देखते हुए सीबीएसई अब होमवर्क के सृजनात्मक विकल्प की तलाश में है। इस संबंध में बोर्ड की ओर से जारी अधिसूचना में प्राइमरी एवं मिडिल लेवल पर स्टूडेंट्स को इनोवेटिव और इंटरेस्टिंग होमवर्क देने की बात कही गई है। शिक्षकों से सुझाव मांगे गए हैं।

शिक्षकों से ऐसा होमवर्क देने की सलाह दी गई है, जिससे बच्चों को किताबी दुनिया से बाहर निकल कर कुछ नया सीखने का मौका मिले। बोर्ड ने होमवर्क में बच्चों का इंटरेस्ट विकसित करने की बात कही है।

सीबीएसई के चेयरमैन वाईएसके सेशु कुमार की ओर से वेबसाइट पर जारी सूचना में यह भी कहा गया है कि होमवर्क में बच्चों को कक्षा में सीखी गई बातों से जुड़ी हुई नई-नई जानकारियां खोजने की बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि मिडिल स्कूल के बच्चे किशोरावस्था के करीब होते हैं, ऐसे समय में उन्हें इस तरह का होमवर्क दिया जाए जो उनकी सोचने, तर्क करने की क्षमता को बढ़ाए। बच्चों के लिए होमवर्क उदासीन नहीं अपितु रुचिकर होना चाहिए, जो सुखद अनुभव दे। स्कूलों को होमवर्क क्वालिटी पर फोकस करना होगा। इस प्रकार के सुझाव बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किए हैं।

सीबीएसई की ओर से होमवर्क कम करने के लिए मिले सुझाव पर अध्ययन किया जा रहा है। स्कूल के शिक्षकों के साथ प्रिंसिपल के रूप में उनका पूरा प्रयास होगा कि बोर्ड की मंशा के अनुरूप बच्चों को होमवर्क के बोझ से निजात मिल सके।
अल्पना डे, प्रधानाचार्य गंगागुरुकुलम

आपका बच्चा यदि सीबीएसई स्कूल में जूनियर कक्षा (छठीं से आठवीं) का स्टूडेंट है तो उसके कठिन होमवर्क से निजात मिल सकती है, जानिए कैसे ? Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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