बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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नवंबर 07, 2015

एसएलपी दाखिल न करने के मुद्दे पर : शिक्षामित्र संघ ने प्रदेश सरकार को लिया निशाने पर,

 संभल। एसएलपी दाखिल न करने के मुद्दे पर शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र/शिक्षक संघ की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए था कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल करती लेकिन सरकार इसमें देरी कर रही है जिसकी वजह से शिक्षामित्रों के संगठन ने लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को एसएलपी दाखिल की है।इस बारे में प्रदेश सरकार की देरी से शिक्षामित्र आक्रोशित हैं। बैठक में कमल सिंह, चंद्रपाल सिंह, सुरेंद्र यादव, हरीश चंद्र शर्मा आदि थे। संचालन अतुल शर्मा ने किया। अध्यक्षता सुरेंद्र झिल्ली कर रहे थे।

क्या- क्या है बकाया :-

शिक्षक पद पर समायोजित 198 शिक्षामित्रों को मई, जून, जुलाई का वेतन मिलना है। यह वेतन कुल 1,79, 45334 रुपये बैठता है। शिक्षक पद पर कुल 974 शिक्षामित्र समायोजित किए गए थे। इसमें सिर्फ 198 शिक्षकों को अगस्त महीने का वेतन मिला है। यानि 776 शिक्षक अभी तक एक भी दिन का वेतन नहीं पा सके। इनका वेतन अभिलेखों का सत्यापन न होने से फंसा है। यदि सरकार सत्यापन कराकर वेतन दे तो 9, 37,74944 रुपये इन शिक्षामित्रों के खाते में आएंगे।201 शिक्षामित्र समायोजन से रह गए हैं। इन्हें तीन महीने का मानदेय नहीं मिला है। यह मानदेय मिल जाए तो 21,10,500 रुपये खाते में आएंगेे।

 वेतन और मानदेय के संबंध में शासन और विभाग की गाइडलाइन के अनुसार काम किया जाएगा।
प्रेमचंद यादव, बीएसए, संभल।
समायोजन रद्द होने से पूर्व का बकाया वेतन मिल जाता तो शिक्षामित्र दीपावली और धनतेरस का पर्व उत्साह के साथ मना सकते थे। बिना धन के दीपावली और धनतेरस का मतलब ही क्या है।जेब खाली होने से शिक्षा मित्र मायूस हैं।रविंद्र खारी, शिक्षामित्र संघ के जिला प्रवक्ता।

एसएलपी दाखिल न करने के मुद्दे पर : शिक्षामित्र संघ ने प्रदेश सरकार को लिया निशाने पर, Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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