बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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नवंबर 03, 2015

महत्वपूर्ण : पैन कार्ड के पहले अक्षर से लेकर आखिरी तक जानें किसका क्या है मतलब, पैन कार्ड पर एक कम्प्लीट रिपोर्ट जरूर पढ़ें

नई दिल्ली। पैन कार्ड एक ऐसा कार्ड है, जिस पर लिखा परमानेंट नंबर में हर तरह की जानकारी होती है। इन नंबरों में छुपी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए जरूरी होती है। इसको ध्यान में रखकर ही डिपार्टमेंट हर व्यक्ति को पैन कार्ड जारी करता है।

 हालांकि, यह जानकारी पैन कार्ड धारक को नहीं होती। मनी भास्कर अपने रीडर्स को पैन कार्ड और पैन कार्ड पर छपे परमानेंट अकाउंट नंबर से जुड़ी पूरी जानकारी होती है। मनी भास्कर इस पैकेज में पैन कार्ड पर मौजूद नंबर का क्या मतलब होता है, यहां इसकी भी जानकारी दे रहा है। अक्षरों में छुपा होता है सरनेम पैन कार्ड पर कार्डधारक का नाम और डेट ऑफ बर्थ तो लिखी ही होती है, लेकिन पैन कार्ड के नंबर में आपका सरनेम भी छुपा होता है। पैन कार्ड का पांचवां डिजिट आपके सरनेम को दर्शाता है।

 इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्डधारक के सरनेम को ही अपने डाटा में दर्ज रखता है। इसलिए अकाउंट नंबर में भी उसकी जानकारी होती है। हालांकि, इस बात की जानकारी टैक्स डिपार्टमेंट कार्डधारक को नहीं देता। आइए जानते हैं पैन कार्ड में दिए गए हर नंबर का क्या होता है मतलब- टैक्स से लेकर क्रेडिट कार्ड तक होती है निगरानी पैन कार्ड नंबर एक 10 डिजिट का खास नंबर होता है, जो लेमिनेटेड कार्ड के रूप में आता है। इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उन लोगों को इश्यू करता है, जो पैन कार्ड के लिए अर्जी देते हैं।

 पैन कार्ड बन जाने के बाद उस व्यक्ति के सारे फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन डिपार्टमेंट के पैन कार्ड से लिंक्ड हो जाते हैं। इनमें टैक्स पेमेंट, क्रेडिट कार्ड से होने वाले फाइनेंशियल लेन-देन सभी कुछ डिपार्टमेंट की निगरानी में रहते हैं। डिपार्टमेंट तय करता है नंबर इस नंबर के पहले तीन डिजिट अंग्रेजी के लेटर्स होते हैं। यह AAA से लेकर ZZZ तक कोई भी लेटर हो सकता है। ताजा चल रही सीरीज के हिसाब से यह तय किया जाता है। यह नंबर डिपार्टमेंट अपने हिसाब से तय करता है। पैन कार्ड नंबर का चौथा डिजिट भी अंग्रेजी का ही एक लेटर होता है। यह पैन कार्डधारी का स्टेटस बताता है।

 इसमें- यह हो सकता है चौथा डिजिट...   p - एकल व्यक्ति F- फर्म C- कंपनी A- AOP (एसोसिएशन ऑफ पर्सन) T- ट्रस्ट H- HUF (हिन्दू अनडिवाइडिड फैमिली) B- BOI (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल) L- लोकल J- आर्टिफिशियल जुडिशियल पर्सन G- गवर्नमेंट के लिए होता है सरनेम के पहले अक्षर से बना पांचवां डिजिट पैन कार्ड नंबर का पांचवां डिजिट भी ऐसा ही एक अंग्रेजी का लेटर होता है। यह डिजिट पैन कार्डधारक के सरनेम का पहला अक्षर होता है। यह सिर्फ धारक पर निर्भर करता है। गौरतलब है कि इसमें सिर्फ धारक का लास्ट नेम ही देखा जाता है। इसके बाद पैन कार्ड में 4 नंबर होते हैं। ये नंबर 0001 से लेकर 9999 तक कुछ भी हो सकते हैं। 

आपके पैन कार्ड के ये नंबर उस सीरीज को दर्शाते हैं, जो मौजूदा समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चल रही होती है। इसका आखिरी डिजिट एक अल्फाबेट चेक डिजिट होता है, जो कोई भी लेटर हो सकता है। कहां-कहां है पैन कार्ड जरूरी पैन कार्ड की मदद से आपको विभिन्न वित्तीय लेन-देन में आसानी होती है। इसकी मदद से आप बैंक खाता और डीमैट खाता खोल सकते हैं। इसके अलावा प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के लिए भी यह जरूरी होता है।

 दरअसल, पैन कार्ड टैक्सेबल सैलरी के साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए भी जरूरी है। चूंकि पैन कार्ड पर नाम और फोटोग्राफ होते हैं, ऐसे में यह आइडेंटिटी प्रूफ के तौर पर भी काम करता है। भले ही आपका पता बदलता रहे, लेकिन पैन नंबर नहीं बदलता। ऊंची दर पर टैक्स डिडक्शन से बचने के लिए पैन कार्ड जरूरी होता है। दरअसल, जब आप 50 हजार रुपए से अधिक राशि की एफडी शुरू करते हैं,तो पैन कार्ड की फोटोकॉपी देनी होती है। पैन के अभाव में ऊंची दर पर आपका टीडीएस काट लिया जाएगा।

इन परिस्थितियों में भी है पैन कार्ड आवश्यक :-

  •  दो पहिया के अलावा किसी अन्य वाहन की खरीद-बिक्री

  •  किसी होटल या रेस्तरां में एक बार में 25 हजार रुपए से अधिक की अदायगी

  • शेयरों की खरीददारी के लिए किसी कंपनी को 50 हजार रुपए या इससे अधिक की अदायगी

  • बुलियन या ज्वैलरी की खरीदारी के लिए पांच लाख रुपए से अधिक की अदायगी

  •  पांच लाख रुपए या इससे अधिक कीमत की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री

  • बैंक में 50 हजार रुपए से अधिक जमा करने के दौरान

  • विदेश यात्रा के संबंध में 25 हजार रुपए से अधिक की अदायगी

  • बॉन्ड खरीदने के लिए आरबीआई को 50 हजार रुपए या इससे अधिक की अदायगी

  • बॉन्ड या डिबेंचर खरीदने के लिए किसी कंपनी या संस्था को 50 हजार रुपए या इससे अधिक की अदायगी

  • म्युचुअल फंड की खरीदारी


क्या करें जब पैन कार्ड गुम हो जाए पैन कार्ड आज किसी भी वित्तीय लेन-देन का अहम हिस्सा है। इसके अलावा यह किसी व्यक्ति के पहचान पत्र के तौर पर भी काम करता है। ऐसे में यदि किसी का पैन कार्ड गायब हो जाए, तो उसका परेशान होना लाजिमी है। लेकिन उसे परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि पैन कार्ड फिर से बनवाना काफी आसान है।

 इसके आसान से 4 स्टेप्स हैं।

स्टेप वन :-

इनकम टैक्स पैन सर्विसेज यूनिट की वेबसाइट पर जाएं। यहां आपको कई विकल्प दिखाई देंगे। इनमें से आपको ‘रीप्रिंट ऑफ पैन कॉर्ड’ का विकल्प अपनाना चाहिए।

 यह उन लोगों के लिए होता है जिन्हें पहले से परमानेंट एकाउंट नंबर (पैन) एलॉट किया जा चुका है, लेकिन उन्हें फिर से पैन कार्ड की जरूरत होती है। इस विकल्प को अपनाने के बाद उस आवेदक को एक नया पैन कार्ड जारी किया जाता है, जिस पर वही नंबर होता है।

स्टेप टू :-

आपको इस फॉर्म के सभी कॉलम भरने होंगे, लेकिन बायें मार्जिन के बॉक्स में किसी पर भी सही का निशान नहीं लगाना होता है। उसके बाद आपको 105 रुपए का पेमेंट करना होगा। आप चाहें तो क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, डिमांड ड्राफ्ट या चेक के जरिए यह भुगतान कर सकते हैं।

 ये सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आप जब यह फॉर्म जमा करेंगे, तो आपके सामने एकनॉलेजमेंट रिसीट आएगा।

स्टेप थ्री :-

आप इस रिसीट का प्रिंट निकालें। इस पर 2.5 सेमी गुणा 3.5 सेमी आकार का रंगीन फोटोग्राफ चिपकाएं।अपने हस्ताक्षर करें। अगर आपने डिमांड ड्राफ्ट या चेक के जरिए भुगतान किया है, तो उसकी प्रति साथ में लगाएं। फिर इसे आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और डेट ऑफ बर्थ के प्रूफ के साथ एनएसडीएल के पुणे स्थित कार्यालय में भेज दें।

 स्टेप फोर:-

 ऑनलाइन आवेदन के 15 दिनों के भीतर एनएसडीएल के कार्यालय पहुंचें। इसके 15 दिनों के भीतर आपको अपना डुप्लीकेट पैन कार्ड मिल जाएगा। आप चाहें तो अपने पैन कार्ड की स्थिति बीच में भी जान सकते हैं। इसके लिए आप NSDLPAN टाइप करें, स्पेस छोड़कर प्राप्ति सूचना नंबर डालें और उसे 57575 पर भेज दें।

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महत्वपूर्ण : पैन कार्ड के पहले अक्षर से लेकर आखिरी तक जानें किसका क्या है मतलब, पैन कार्ड पर एक कम्प्लीट रिपोर्ट जरूर पढ़ें Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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