बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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अक्तूबर 03, 2015

हाईकोर्ट के चुनाव पर रोक लगाने से इंकार के बाद, प्रदेश में पंचायत चुनाव में सीट आरक्षण का मुद्दा पंहुचा सुप्रीम कोर्ट,

माला दीक्षित, नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में सीट आरक्षण का मुद्दा सुप्रीमकोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल हुई है जिसमें पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण पचास फीसद से ज्यादा होने का आरोप लगाते हुए चुनाव पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है।

 इस पर सुप्रीमकोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा। पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। हाईकोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की गई।जिला पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक ज्योति श्रीवास्तव और धर्मेन्द्र मिश्र ने वकील विष्णु शंकर जैन के जरिये दाखिल याचिका में सुप्रीमकोर्ट से पंचायत चुनाव पर अंतरिम रोक लगाने का आग्रह किया है।

 इसके अलावा कहा है कि हाईकोर्ट को निर्देश दिया जाए कि वह पंचायत चुनाव को चुनौती देने वाली उनकी याचिका का 15 दिन के भीतर निबटारा करें। याचिका में मुख्यता सीट आवंटन और सीटों के आरक्षण का मुद्दा उठाया गया है। कहा गया है कि पंचायत चुनाव में सीट आरक्षण पचास फीसद की सीमा पार कर गई है जो कि गैरकानूनी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम 1961 के उन संशोधित प्रावधानों को भी चुनौती दी गई है जो राज्य सरकार को सर्वे कराने का अधिकार देते हैं।

 कानून के मुताबिक जनगणना कराने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास राज्य सरकार गणना नहीं करा सकती। इसके बावजूद राज्य सरकार ने सर्वे करा कर पंचायत चुनाव के लिए सीट आवंटन कर दिया है जो कि गलत है। सीट आवंटन का हक सिर्फ राज्य चुनाव आयोग को है लेकिन चुनाव आयोग के बजाए राज्य सरकार ने सीट आवंटन किया है। पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण 60 फीसद से ज्यादा है जबकि कानूनन आरक्षण पचास फीसद से ज्यादा नहीं हो सकता।

हाईकोर्ट के चुनाव पर रोक लगाने से इंकार के बाद, प्रदेश में पंचायत चुनाव में सीट आरक्षण का मुद्दा पंहुचा सुप्रीम कोर्ट, Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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