बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

अक्तूबर 29, 2015

विभाग ने माना NCTE के पत्र से नहीं हो रहा समस्या का समाधान :शिक्षामित्रों को राहत के लिए फिर एनसीटीई जायेगी यूपी सरकार,

लखनऊ (ब्यूरो)। यूपी सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने जो जवाब दिया है, उससे शिक्षामित्रों का कोई भला होने वाला नहीं है। इसलिए शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने के लिए एनसीटीई को दोबारा चिट्ठी लिखी जाएगी और उन्हें टीईटी से छूट दिलाने की मांग की जाएगी।

 एनसीटीई के सदस्य सचिव जुगलाल सिंह के पत्र मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ लंबी मंत्रणा की। सूत्रों की मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि एनसीटीई के पत्र से शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।

 यह हो सकता है चिट्ठी में :-

  • मुख्य सचिव ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों से की लंबी मंत्रणा |
  • सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार एनसीटीई के चेयरमैन को पत्र लिखकर बताएगी कि 25 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने से सूबे में सहायक अध्यापक बने 1.37 लाख व प्रशिक्षणरत शिक्षामित्रों को कोई फायदा नहीं हो रहा है।
  • शिक्षामित्रों को संविदा पर नियुक्त किया गया है और वे बेहतर ढंग से बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
  • यूपी सरकार ने 3 जनवरी 2011 को पत्र भेजकर एनसीटीई से अनुमति लेकर ही स्नातक पास शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण दिया था। इसमें सफल होने वालों को ही सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया गया था |
keywords :  # upgovt, # shikshamitra, # ncte,

विभाग ने माना NCTE के पत्र से नहीं हो रहा समस्या का समाधान :शिक्षामित्रों को राहत के लिए फिर एनसीटीई जायेगी यूपी सरकार, Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

वैधानिक चेतावनी

इस ब्लॉग/वेबसाइट की सभी खबरें व शासनादेश सोशल मीडिया से ली गई हैं । कृपया खबरों / शासनादेशों का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें | इसमें ब्लॉग एडमिन की कोई जिम्मेदारी नहीं है | पाठक खबरों के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा | किसी भी वाद - विवाद की स्थिति में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का अंतिम निर्णय मान्य होगा ।