बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

सितंबर 13, 2015

बिना टीईटी समायोजन को कोर्ट ने बताया मनमाना कदम,शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक बनाया जाना असंवैधानिक,दो साल का प्रशिक्षण भी अवैध करार |

इलाहाबाद (ब्यूरो)। यूपी सरकार को तगड़ा झटका देते हुए हाईकोर्ट ने प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाए गए 1.70 लाख शिक्षामित्रों की नियुक्तियां शनिवार को रद्द कर दीं। हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के समायोजन को असंवैधानिक करार दिया।

कोर्ट ने इस संबंध में सरकार के सभी प्रशासनिक आदेशों समेत शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने के लिए बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली में किए गए संशोधन और उन्हें दिए गए दो वर्षीय दूरस्थ शिक्षा प्रशिक्षण को भी असंवैधानिक, मनमाना और अवैध करार दिया। समायोजन को चुनौती देने वाली दर्जनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पूर्णपीठ ने यह ऐतिहासिक फैसला दिया।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला अदालत ने अधिकार पर घेरा :-


सिर्फ केंद्र सरकार दे सकती है न्यूनतम अर्हता में छूट कोर्ट ने कहा कि न्यूनतम अर्हता में छूट देने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को है। राज्य सरकार को नहीं। शिक्षामित्रों का समायोजन बिना स्वीकृत पद तथा नियमानुसार चयन प्रक्रिया और आरक्षण नियमों का पालन किए बिना ही कर दिया गया। सरकार का यह कदम
असंवैधानिक, मनमाना और अवैध है।

अवकाश के दिन बैठी बेंच, 5 घंटे में लिखाया फैसला यह फैसला इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि शनिवार को अवकाश के बावजूद हाईकोर्ट के तीन जजों की बेंच ने अदालत में बैठकर फैसला लिखाया। पीठ ने शुक्रवार दोपहर तीन बजे से चार बजे तक और फिर शनिवार सुबह दस बजे से दोपहर बाद दो बजे तक खुली अदालत में निर्णय लिखाया।

बिना टीईटी समायोजन को कोर्ट ने बताया मनमाना कदम,शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक बनाया जाना असंवैधानिक,दो साल का प्रशिक्षण भी अवैध करार | Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

वैधानिक चेतावनी

इस ब्लॉग/वेबसाइट की सभी खबरें व शासनादेश सोशल मीडिया से ली गई हैं । कृपया खबरों / शासनादेशों का प्रयोग करने से पहले वैधानिक पुष्टि अवश्य कर लें | इसमें ब्लॉग एडमिन की कोई जिम्मेदारी नहीं है | पाठक खबरों के प्रयोग हेतु खुद जिम्मेदार होगा | किसी भी वाद - विवाद की स्थिति में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का अंतिम निर्णय मान्य होगा ।