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सितंबर 10, 2015

रिश्तों को प्यार और सम्मान से सींचे तभी मिलेगी रिश्तों की ठंडी छाँव : संभव है रिश्तों का खुशनुमा अंत

आप अपने रिश्तों को प्यार और सम्मान से सींचती हैं और चाहती हैं तो केवल इतना कि आपको भी प्यार और
सम्मान मिले। लेकिन कुछ रिश्ते ठंडी छांव देते हैं, तो कुछ कड़ी धूप में खड़ा रहने को भी मजबूर कर देते हैं। ऐसे में नकारात्मक रिश्तों को ढोते रहना आपको घुन की तरह बर्बाद कर देता है। जरूरी है, प्यार से ऐसे रिश्तों से दूरी बना ली जाए, ताकि इसका असर आपको भीतर से खोखला न कर दे। बंद करें खुद को बहलाना वरिष्ठ मनोविशेषज्ञ डॉ़ समीर पारिख कहते हैं, 'आप नकारात्मक रिश्ते से बंधी हैं और उससे खुद को आजाद करना चाहती हैं तो सबसे पहले आपको इसे पहचानना और स्वीकार करना होगा।


 कुछ सवाल आपकी इस उलझन को हल कर सकते हैं। क्या आप किसी ऐसे रिश्ते से जुड़ी हैं, जिसमें सामने वाला हर समय आपको केवल नीचा दिखाता है? उसके साथ बिताए समय के बाद आपको लगता है कि आपके भीतर सब कुछ निचुड़ गया है? क्या उसके साथ बिताए पलों में आप या आपकी भावनाएं कहीं नहीं होतीं, केवल उसके विचार और उसकी सोच ही सबसे ऊपर होती है? इस रिश्ते को सहेजे रखने की कोशिश में आप आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को खोता हुआ महसूस करती हैं? इन सवालों के जवाब अगर 'हैं', तो समझ जाइए कि आप नकारात्मक रिश्ते काबोझ ढो रही हैं। ऐसे रिश्तों का नकारात्मक असर आपकी पूरी जिंदगी, आपके काम, आपकी भावनाओं और आपकी सेहत पर भी पड़ता है। वहीं, इनसे छुटकारा आपकी जिंदगी की खोई खुशियों को वापस ले आएगा।

सबसे पहले हैं आप :-


आपको दूसरों से प्यार और सम्मान मिले, इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले आप खुद को प्यार और सम्मान दें। खुद अपनी ही नजरों में गिरा देने वाले रिश्ते से दूर हो जाने से बेहतर आपके लिए क्या हो सकता है! इसलिए रिश्ते के अंत से जुड़े अपने ऐसे किसी कदम पर पूरा भरोसा रखें और ऐसे रिश्ते से दूरी बनाने पर किसी भी प्रकार के अपराधबोध या नकारात्मक भावना से खुद को दूर रखें। कोई भी नकारात्मक रिश्ता आपका लाभ तभी उठा पाता है, जब आप खुद से ज्यादा उन्हें महत्व देती हैं। हो सकता है कि शुरुआती दौर में आपको लगे कि आप स्वार्थी और कटु हो रही हैं, लेकिन अपने व्यक्तित्व को फलने-फूलने देने के लिए ऐसा करना जरूरी है।

जरूरी है सीमा रेखा :-


सीमाएं हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती हैं। भावनात्मक सीमाएं हमें अपनी भावनाओं को समझने में
मदद करती है। अगर आप किसी दोस्त, परिचित या रिश्तेदार से अलग हो रही हैं, तो आपकी सीमा अलग
होगी। अगर आप अपने किसी बेहद निकट व्यक्ति से अपने को अलग कर रही हैं, तो आपको भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत होना होगा।

'ना' में छिपी है खुशी

आप नहीं चाहती हैं कि कोई भी कड़ा कदम आपमें और आपसे जुड़े ऐसे रिश्ते में और टकराव पैदा कर दे। रिश्ते को सहेजे रखने की कोशिश में आप हमेशा, हर स्थिति में केवल 'हां ' ही कहती हैं। लेकिन आपकी यही 'हां' आपके लिए बंधन बन जाती है। नकारात्मक रिश्ते में सीमाएं तय करने का सबसे पहला कदम है, 'ना' कहना। यह दूसरों को यह बताने के लिए जरूरी है कि उनसे अलग आपका अपना स्वतंत्र वजूद भी है और आपके लिए आपका आत्मसम्मान भी बेहद महत्वपूर्ण है।

दें एक मौका :-


डॉ़ पारिख कहते हैं, 'नकारात्मक रिश्ते की घुटन से आप खुद को अलग तो करना चाहती हैं, लेकिन उससे दूरी बनाने से पहले रिश्ते को एक मौका जरूर दें। खुलकर बात करें और अपने और सामनेवाले व्यक्ति के संदर्भ में स्थितियों को\ सुलझाने की कोशिश करें। अगर लगता है कि बातचीत भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं दे पा रही तो, बिना किसी झगड़े या कटु शब्दों के प्यार से कहें कि आप उनकी पूरी कद्र करती हैं, लेकिन नकारात्मकता और न बढ़े इसलिए आप दोनों को इस रिश्ते को यहीं खत्म करके आगे बढ़ जाना चाहिए। पर, रिश्ता खत्म करने के बाद आपको जिन चुनौतियों का सामना करना होगा, उसके लिए भी पहले से तैयार रहें।'

मन से भी हो दूरी :-


किसी भी बोझिल रिश्ते से दूरी बनाने का मतलब रिश्ते में टकराव को बरकरार रखना कतई नहीं है। उनके पीठ पीछे किसी से भी उनके बारे में किसी तरह के गलत विचार न रखें। ऐसा करने का अर्थ है कि आप नकारात्मक रिश्ते से भौतिक रूप से भले ही दूर हो गई हों, लेकिन मानसिक रूप से उसका असर अब भी आपको अशांत कर रहा है। यह आपके मन की शांति को भंग कर देगा। अगर उनके बारे में बात करने की स्थिति उत्पन्न हो जाए, तब भी बिना कुछ नकारात्मक कहे, आप अपनी बात कह सकती हैं। मसलन कि आप उनसे कुछ दिनों से संपर्क में नहीं हैं और चाहती हैं कि वे जहां भी हों, खुश हों।

रिश्तों को प्यार और सम्मान से सींचे तभी मिलेगी रिश्तों की ठंडी छाँव : संभव है रिश्तों का खुशनुमा अंत Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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