बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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सितंबर 22, 2015

प्राइवेट कालेज में नकल रोकने गए दस्ते पर लड़कियों से छेड़छाड़ मामला : बोर्ड परीक्षाओं के फ्लाइंग स्क्वायड में महिलाएं क्यों नहीं- अदालत

हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से पूछा है कि इंटरमीडिएट और हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए गठित फ्लाइंग स्क्वायड में महिलाएं क्यों नहीं रहती हैं। मऊ के एक प्राइवेट कालेज में नकल रोकने गए दस्ते पर लड़कियों से छेड़छाड़ करने के आरोप की सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि भविष्य मेें छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप न लगें। 

प्रमुख सचिव को छह अक्तूबर तक हलफनामा दाखिल कर जानकारी देने का निर्देश है। हालांकि, कोर्ट ने छेड़छाड़ के आरोप में यह कहते हुए हस्तक्षेप नहीं किया कि यह जांच का विषय है और पुलिस नियमानुसार मामले की जांच करेगी। कालेज प्रबंधक विनोद कुमार यादव की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।

 कालेज में इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल रोकने गए फ्लाइंग स्क्वायड और कालेज प्रबंधन के बीच झगड़ा हो गया। प्रबंधन के लोगों ने मजिस्ट्रेट की पिटाई कर दी। बचाव में आए पुलिस के दरोगा की भी पिटाई गई। इसके बाद परीक्षा दे रही छात्राओं ने यह कहते हुए धरना दे दिया कि उनके साथ छेड़खानी हुई है। मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर पहले निचली अदालत में परिवाद दाखिल किया गया फिर हाईकोर्ट में याचिका की गई। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि फ्लाइंग स्क्वायड में महिलाएं क्यों नहीं थीं। अपर शासकीय अधिवक्ता विमलेंदु त्रिपाठी का कहना था कि मौजूदा व्यवस्था में उड़न दस्ते में महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता है। महिलाएं सिर्फ परीक्षा स्थल पर ही रहती हैं।

प्राइवेट कालेज में नकल रोकने गए दस्ते पर लड़कियों से छेड़छाड़ मामला : बोर्ड परीक्षाओं के फ्लाइंग स्क्वायड में महिलाएं क्यों नहीं- अदालत Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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