बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत विद्यालयों के लिए वर्ष 2018 की आधिकारिक अवकाश तालिका जारी : Download Official Holiday List

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सितंबर 23, 2015

नई व्यवस्था से यूपी में हमेशा के लिए बदल जाएंगे प्रधानी चुनाव? इन लोगों को नहीं मिल पाएगा आरक्षण का फायदा

महेंद्र तिवारी लखनऊ । ग्राम पंचायतों के आरक्षण का जो नया फॉर्मूला सरकार ने बनाया है, उसके लागू रहने तक सूबे की बहुत सारी ग्राम पंचायतें कभी भी आरक्षित नहीं हो सकेंगी। नतीजतन इन ग्राम पंचायतों के पिछड़ों, दलितों या अनुसूचित जनजाति के लोगों को आरक्षण का अवसर नहीं मिल पाएगा।

पंचायतों के आरक्षण के नए शासनादेश में कहा गया है कि जब भी नया परिसीमन होगा, पंचायतों के पुराने चक्रानुक्रम के आरक्षण को बिना संज्ञान में लिए हुए नए सिरे से आरक्षण किया जाएगा। प्रदेश में हर दस साल पर जनगणना होती है।
इसके बाद नए सिरे से पंचायतों का परिसीमन होना चाहिए। पिछली जनगणना 2011 में हुई और उसके बाद हो रहे 2015 के चुनाव में पिछले चक्रानुक्रम आरक्षण को शून्य किया गया है। इसी तरह 2021 की जनगणना के बाद 2025 के चुनाव के समय 2015 व 2020 के चक्रानुक्रम आरक्षण को शून्य कर दिया जाएगा।

इस फॉर्मूले से एससी, एसटी व ओबीसी के जो ग्राम प्रधान पद 2015 में आरक्षित हुए होंगे, वे ही फिर से आरक्षित होने शुरू हो जाएंगे। जिन ग्राम पंचायतों को दो बार के चुनाव में आरक्षित होने का मौका नहीं मिला, वे इस नियम के लागू रहते कभी भी आरक्षित नहीं हो पाएंगी। यही स्थिति वार्डों के आरक्षण में होगी।

नई व्यवस्था से यूपी में हमेशा के लिए बदल जाएंगे प्रधानी चुनाव? इन लोगों को नहीं मिल पाएगा आरक्षण का फायदा Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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