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सितंबर 02, 2015

सचिवालय में दलालों के पास सबकी कुंडली : गृह सचिव एसके रघुवंशी के नाम पर हुई ठगी से हुआ खुलासा |

लखनऊ सचिवालय की वेबसाइट पर भले ही किसी भी अनुभाग में तैनात कर्मचारी-अधिकारी का सही पता न मिले, लेकिन दलालों के पास सबकी पूरी कुंडली है। उनकी पूरी जानकारी है कि कौन कहां पोस्टेड है। उसे यह भी पता है कि अनुभाग अधिकारी से लेकर अनुसचिव कौन और कैसा है और उनसे क्या काम लिया जा सकता है। गृह सचिव एसके रघुवंशी के नाम पर सोमवार को हुई ठगी ने एक बार फिर दलालों की पैठ का अंदाजा लगवा दिया है। मामला सामने आने के बाद अब यहां के अधिकारी से लेकर कर्मचारी सकते में हैं।

'क्षमता' के हिसाब से ठगा :


सोमवार को गृह सचिव एसके रघुवंशी के नाम पर छह से ज्यादा अनुभाग अधिकारियों के ठगे जाने का मामला सामने आया था। मामले की जांच तो एसटीएफ को सौंप दी गई, लेकिन इस बीच अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के पास इस बात का जवाब नहीं है कि आखिर फोन करने वाले व्यक्ति को यह जानकारी कैसे मिली कि कौन सा अनुभाग अधिकारी कहां पोस्टेड है और वह क्या काम करता है। गृह विभाग का कारागार अनुभाग, पुलिस अनुभाग की तुलना में वित्तीय स्तर पर कम मजबूत है। यही कारण था कि उसने दो लाख रुपये की डिमांड पुलिस अनुभाग के अधिकारी से कर दी। वहीं सबसे कमजोर मानवाधिकार विभाग के अधिकारी से उसने 300 रुपये का रीचार्ज कराया और औसत वित्तीय स्थिति वाले कारागार अनुभाग से पांच हजार रुपये का मोबाइल रीचार्ज।

इसके अलावा यह सवाल भी उठता है कि एक अफसर का फोन आने पर कर्मचारी क्या बिना कुछ सोचे-समझे कोई भी काम करा देते हैं। इस मामले में सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र का कहना है कि किसी भी कर्मचारी को मौखिक आदेश पर काम नहीं करना चाहिए। पत्रावली में दर्ज होने के बाद ही\ आदेश का पालन करें।

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सचिवालय में दलालों के पास सबकी कुंडली : गृह सचिव एसके रघुवंशी के नाम पर हुई ठगी से हुआ खुलासा | Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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