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अगस्त 28, 2015

सिंथेटिक पनीर और मिठाईयों का "बंधन" कहीं न कर दे आपको बीमार | रक्षाबंधन में सिंथेटिक मिठाईयों से रहें सतर्क !

ब्यूरो ,लखनऊ । रक्षाबंधन के लिए मिलावट खोर बना रहे हैं ऐसे मिठाइयां भाई-बहन के स्नेह व प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन पर मिलावटी खाद्य सामग्री की रोकथाम के लिए कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। इसी के चलते बेखौफ धंधेबाज रक्षाबंधन पर मिलावटी खोवा व खाद्य तेलों से तैयार मिठाई खपाने की तैयारी में हैं। दूध मंडियों में भी दो गुना खपत देखते हुए सिंथेटिक पनीर के साथ सिंथेटिक व मिलावटी दूध बेच कर जेब भरी जा रही है। रक्षाबंधन पर एक बार फिर सबसे ज्यादा गरम मिलावटी खाद्य तेल का बाजार है।

सरसों तेल, वनस्पति घी व रिफाइंड की बढ़ती मांग को देखते हुए मुनाफाखोर महज 12 हजार लीटर तैयार घटिया व मिलावटी खाद्य तेल बाजार में खपाने की तैयारी में हैं।इसके लिए 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलने वाले विदेशी सीपीओ पॉम ऑयल में इंडस्ट्रीयल कलर (बटर येलो) की मिलावट कर पीले चमकदार रंग का मिलावटी सरसों तेल तैयार किया जा रहा है। इसे ही टिनों में भर ब्रांडेड कंपनियों के रैपर चस्पा कर बाजार में खपाया जाएगा। 15 किलो के एक टिन पर तीन से चार सौ रुपये की बचत से मुनाफाखोरों को यह धंधा खूब भा रहा है।

नकली मावा और पनीर सबसे ज्यादा खतरनाकचिकित्सकों का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक तत्व पेट संबंधी कई बीमारियों का मुख्य कारण बनते हैं।विशेष तौर पर नकली मावा व पनीर सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। हृदय तक रक्त ले जानी वाली धमनियों में जम जाना है जिससे हार्ट अटैक तक हो सकता है। इस मिलावटी खाद्य सामग्री का सेवन बैक्ट्रीरियल इंफेक्शन के साथ पेट दर्द व गैस्ट्रो डायरिया व बदहजमी की पीड़ा को भी कई गुना तक बढ़ा देगा।

सिंथेटिक पनीर से मोटा मुनाफा :-


गाय अथवा भैंस के दूध को फाड़ कर तैयार होने वाला पनीर त्यौहार में अत्यधिक मंहगा पड़ने के कारण धंधेबाज मोटा मुनाफा कमाने के लिए सिंथेटिक पनीर भी बाजार में खपाने से नहीं चूकते। डेढ़ सौ रुपये में तैयार होने वाला पांच किलो सिंथेटिक पनीर तीन गुना तक फायदेमंद होता है।इसके लिए स्किन्ड मिल्क की बेकार व बची हुई सामग्री को गर्म पानी में घोल कर इसमें सोडियम बाई कार्बोनेट (खाने वाला सोडा) डाल कर घोल तैयार किया जाता है।बाद में घोल को गर्म कर इसमें पॉम आयल अथवा वेजिटेबल ऑयल में डाल कर बेकिंग पाउंडर से फाड़ कर बड़े बड़े कंटेनरों में जमा कर बतौर फ्रेश पनीर बता कर बाजार में असली के दाम पर बेचा जाता है। सिन्थेटिंक पनीर खाने के बाद मुंह में रबर जैसा बन जाता है।

रक्षाबंधन पर भाईयों को खिलाने वाली मिलावटी मिठाईयां सबसे ज्यादा मुनाफा पहुंचाती है। धंधेबाज शकरकंद, आलू, मैदा व अरारोट युक्त मिलावटी मावा व सेहत पर भारी कृत्रिम रंगों से तैयार बर्फी, रसगुल्ले, लड्डू सहित अन्य मिठाइयों को बढ़िया पैकिंग के साथ दो से तीन सौ रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच खूब मुनाफा कमाते हैं।बेसन व अन्य सामग्री से तैयार मिठाइयों में भी लागत कम करने को घटिया खाद्य तेल का इस्तेमाल कर मुनाफा बढ़ाया जाता है। रक्षाबंधन पर मिलावटी खाद्य सामग्री की दुकानें सजने की जानकारी के बाद भी इसकी रोकथाम को लेकर जिला एफएसडीए के अधिकारी उदासीन हैं।

खबर साभार :अमर उजाला(27 अगस्त 2015 )

सिंथेटिक पनीर और मिठाईयों का "बंधन" कहीं न कर दे आपको बीमार | रक्षाबंधन में सिंथेटिक मिठाईयों से रहें सतर्क ! Rating: 4.5 Diposkan Oleh: Kamal Singh Kripal

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